
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमटीएच अस्पताल में सेवाएं दे रही पीजी प्रथम वर्ष की छात्रा डॉ. सिम्मी यादव की प्रताड़ना के मामले के बाद डीन कार्यालय हरकत में आया है। अब मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टरों से एक सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा सेवाएं नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही एक दिन में 12 घंटे से ज्यादा किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
कुल मिलाकर एक दिन में डॉक्टरों से आठ घंटे से ज्यादा का काम नहीं लिया जाएगा। बता दें कि डॉ. सिम्मी यादव ने अपने सीनियर स्टूडेंट्स डॉ. यशस्वी, डॉ. श्वेता, डॉ. निकिता समेत अन्य छात्रों और तत्कालीन एचओडी डॉ. नीलेश दलाल पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कथित तौर पर प्रताड़ना से तंग आकर सिम्मी ने इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद एमजीएम डीन की ओर से तीन कमेटियां बनाकर पूरे मामले की जांच कराई गई थी।
डॉ. सिम्मी ने जिन सीनियर छात्रों पर आरोप लगाया है, उन्हें लेकर अब एमजीएम कॉलेज प्रबंधन ने सीनियर प्रोफेसरों की नई इंटरनल कमेटी बनाई है। यह कमेटी दोबारा स्टूडेंट्स से पूछताछ करेगी। कमेटी के फीडबैक के आधार पर डीन कार्यालय की ओर से अगला एक्शन लिया जाएगा।
डॉ. सिम्मी यादव के भाई द्वारा शिकायत किए जाने के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन ने डीन कार्यालय से 24 घंटे में पैरावाइज कमेंट और एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया का कहना है कि इस कान्फिडेंशियल रिपोर्ट और अन्य मांगे गए सभी दस्तावेजों को भेज दिया गया है।
हालांकि, सूत्रों की मानें तो डीन की ओर से भेजे गए जवाब से नेशनल मेडिकल कमीशन संतुष्ट नहीं है। उन्होंने जवाब को संतुष्टिपूर्ण नहीं मानते हुए अमान्य किया है और दोबारा हर आपत्ति पर पैरा वाइज एटीआर रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) बनाने को कहा है।
सिम्मी यादव को छुट्टी पर भेज दिया है और पूरी तरह स्वस्थ्य होने के बाद ज्वाइन करने का कहा है। आरोपी स्टूडेंट्स को लेकर नई इंटरनल कमेटी बनाई गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई करेंगे। - डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज