इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Meghdoot Garden Indore। नगर निगम द्वारा एक बार फिर मेघदूत गार्डन के विकास के लिए योजना बनाई जा रही है। जबकि विगत पांच साल से इस गार्डन को संवारने के लिए आइडीए व निगम द्वारा दर्जनों बार प्रयास किए गए और उसके लिए कागजों पर योजना भी बनाई गई लेकिन आज तक उन पर अमल नहीं हो सका। नगर निगम द्वारा शुक्रवार को जनकार्य विभाग की हुई बैठक में कंसलटेंट नियुक्त कर इस उद्यान का विकास किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व में आइडीए द्वारा इस गार्डन को पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के माध्यम से विकास किया जाना तय किया गया था लेकिन आइडीए ने जब हाथ खड़े कर दिए तो निगम ने दो साल पहले इसके विकास की रुपरेखा बनाई।


ग्रीन हाउस का स्ट्रक्चर भी नहीं हुआ तैयार

निगम ने डेढ़ साल पहले मेघदूत गार्डन परिसर मे ग्रीन हाउस व पाली हाउस का स्ट्रक्चर तैयार करने की योजना बनाई थी। अभी तक उसके नाम पर 12 लाख रुपये खर्च कर शेड व स्ट्रक्चर ही बना है और यह भी अधूरा है। जबकि यहां पर ग्रीन हाउस में नर्सरी बनाकर पौधे तैयार किया जाना है। पहले मेघदूत गार्डन का एक हिस्से में गुलाब बाग बना हुआ था लेकिन वह भी अब ज्यादा बेहतर स्थिति में नहीं हैं। पूर्व में इस उद्यनन में जहां पर म्युजिकल फाउंटेन हुआ करता था जिसे देखने के लिए माता-पिता अपने बच्चों को लेकर आते थे। वो भी बंद हो गया और उसके स्थान पर पानी की टंकी बना दी गई है। वर्तमान में गार्डन की देखरेख के नाम पर यहां पर पौधारोपण व मौजूदा पौधों का रखरखाव ही किया जा रहा है।

पांच करोड़ रुपये मिलने की आस में पुन: बनने लगी योजना

मेघदूत गार्डन के विकास के नाम पर राज्य शासन द्वारा निगम को पांच करोड़ रुपये मिलना है। इसके अलावा विधायक निधि से भी कुछ राशि मिलना है। यही वजह है कि अभी तक कागजी बस्ते में रखे हुए मेघदूत गार्डन के विकास के प्रस्ताव की धूल झाड़कर नए सिरे से विकास की योजना बनाई जा रही है। जानकारों के मुताबिक इस गार्डन के विकास के नाम पर निगम के अफसर यहां के मौजूदा फाउंटेन व टैंक की टाइल्स बदलने, पौधारोपण करने, हरियाली विकसीत करने व अन्य संधारण कार्य करने की योजना बना रहे है।

कर्मचारियों नाम व कार्य समय की जानकारी के बोर्ड लगाए

शुक्रवार को निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने शाला प्रकोष्ठ व उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें विधायक व जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। आयुक्त ने निगम के अफसरों का कहा कि शाला भवनों के निर्माण के संबंध में जो सुझाव व प्रस्ताव आए है उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा आयुक्त ने मेघदूत उद्यान को पुन: विकसित करने के एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए। आयुक्त ने कहा कि शहर की प्रमुख सड़कों व ग्रीन बेल्ट में जहां भी कचरा या गंदगी मिले वहां पर सफाई करवाई जाए। उद्यानो की सफाई, संधारण व रख-रखाव कार्य को सुनिश्चित करने के लिये समस्त उद्यानो पर कर्मचारियो की नियुक्ति करने के साथ ही कार्यरत कर्मचारी का नाम, कार्य का समय व अन्य आवश्यक जानकारी संबंधित बोर्ड पर उद्यानों में लगाए जाएग। उद्यानो में ट्रीटेड पानी का उपयोग करने व उसके लिए लाइन डाले जाने के निर्देश भी दिए। आयुक्त ने कहा कि जहां भी डिवाईडर टूटे हो उन पर सुधार व रिपेयरिंग कार्य करवाए जाए। खेल प्रकोष्ठ की समीक्षा में आयुक्त ने कहा कि शहर के जिन खेल मैदानों में खेल गतिविधियां संचालित हो रही है, उनका अवालोकन कर वहां अन्य खेल गतिवधियों व कार्यो के योजना बनाए। शिवाजी वाटिका स्थित महाराजा श्री शिवाजी की प्रतिमा स्थान के निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ इस कार्य को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

Posted By: gajendra.nagar

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