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इंदौर में मेट्रो की पाइलिंग से 88 डेसीबल तक शोर, रहवासियों ने दिया धरना, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे

छोटा गणपति स्थित भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए चल रही पाइलिंग मशीनों से उठ रहे शोर और कंपन से परेशान महंत कॉम्प्लेक्स के रहवासियों ने शुक्रवा...और पढ़ें

By Udaypratap SinghEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 18 Jul 2026 08:10:21 AM (IST)Updated Date: Sat, 18 Jul 2026 08:10:21 AM (IST)
इंदौर में मेट्रो की पाइलिंग से 88 डेसीबल तक शोर, रहवासियों ने दिया धरना, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे
रहवासियों से चर्चा करते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. शोर और कंपन से परेशान महंत कॉम्प्लेक्स के रहवासियों ने शुक्रवार शाम चार बजे विरोध प्रदर्शन किया
  2. उनका कहना है कि पाइलिंग मशीनों से इमारत में तेज कंपन हो रहा है, शोर का स्तर 88 डेसीबल तक पहुंच रहा है
  3. बीमा, सेंसर और लिखित आश्वासन की मांग, मंत्री विजयवर्गीय ने मेट्रो के एमडी से कराई बात

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। छोटा गणपति स्थित भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए चल रही पाइलिंग मशीनों से उठ रहे शोर और कंपन से परेशान महंत कॉम्प्लेक्स के रहवासियों ने शुक्रवार शाम चार बजे विरोध प्रदर्शन किया। रहवासी मेट्रो परिसर के मैदान में बैठ गए और निर्माण कार्य रुकवा दिया। उनका कहना है कि पाइलिंग मशीनों से इमारत में तेज कंपन हो रहा है। क्षेत्र में शोर का स्तर 88 डेसीबल तक पहुंच रहा है, जबकि निर्माण कार्य के लिए निर्धारित मानक 55 डेसीबल है।

विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर मेट्रो के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दिल्ली से लौटने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रात करीब आठ बजे एयरपोर्ट से सीधे महंत कॉम्प्लेक्स पहुंचे और रहवासियों से चर्चा की। रहवासियों ने उन्हें 15 मांगों का ज्ञापन सौंपा। इनमें सबसे प्रमुख मांग महंत कॉम्प्लेक्स का बीमा कराने की रही। मंत्री विजयवर्गीय ने बैठक के दौरान ही मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य से फोन पर चर्चा कर रहवासियों की मांगों पर लिखित आश्वासन देने के निर्देश दिए। इसके बाद रहवासियों ने विरोध समाप्त कर शनिवार से मेट्रो निर्माण कार्य शुरू करने पर सहमति दे दी।


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मल्हारगंज स्थित छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर महंत काम्प्लेक्स और आसपास के रहवासियों ने धरना दिया और काम बंद करवाया। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

ऊपरी हिस्से में भी सेंसर लगाने की मांग

महंत कॉम्प्लेक्स में करीब 80 परिवारों के 250 लोग रहते हैं। यहां सुबह 6.30 बजे से रात 10 बजे तक पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। फिलहाल इमारत के निचले हिस्से में सेंसर लगाए गए हैं, ताकि कंपन की निगरानी की जा सके।

रहवासी हिमांशु शास्त्री ने बताया कि मशीनों का शोर 88 डेसीबल से अधिक पहुंच रहा है, जो तय मानक से काफी ज्यादा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इमारत के ऊपरी हिस्से में भी सेंसर लगाए जाएं। साथ ही काम्प्लेक्स का बीमा कराया जाए, मेट्रो निर्माण के कारण यदि कोई बोरिंग बंद होती है तो नई बोरिंग कराई जाए, निर्माण से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए तथा परियोजना की जानकारी समय-समय पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ साझा की जाए।

छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के लिए कुल 268 पिलरों की पाइलिंग होना है। इनमें से अब तक 85 पिलरों की पाइलिंग पूरी हो चुकी है। शेष 183 पिलरों का कार्य अगले ढाई से तीन माह में पूरा होने का अनुमान है।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

मेट्रो स्टेशन के आसपास स्थित प्रमुख इमारतों का कंडीशन सर्वे किया जा रहा है। इसमें भवनों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में मेट्रो निर्माण के दौरान यदि किसी इमारत में दरार या अन्य नुकसान होता है तो उसका आकलन कर मुआवजा दिया जा सके। रहवासियों ने मांग की है कि कंडीशन सर्वे की रिपोर्ट भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

बीमा नहीं, सिर्फ मुआवजे का प्रविधान

मेट्रो निर्माण के दौरान यदि किसी इमारत को नुकसान होता है तो संबंधित को मुआवजा देने का प्रविधान है, लेकिन किसी भवन का बीमा कराने का कोई नियम नहीं है। ऐसे में महंत कॉम्प्लेक्स का बीमा होगा या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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