
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक कमर्शियल रन शुरू होने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है। मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बाद भी 5.9 किलोमीटर के इस हिस्से में मेट्रो संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
पहले 18 जून को मेट्रो के शुभारंभ की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। अब कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा दी गई तीन महीने की वैधता की समय सीमा भी 24 जून को समाप्त हो रही है। ऐसे में तय समय के अंदर मेट्रो का संचालन शुरू होना संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
सीएमआरएस की अनुमति की अवधि खत्म होने के बाद मेट्रो प्रबंधन को नए सिरे से निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए अधिकारियों ने सीएमआरएस को आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार दोबारा निरीक्षण और अनुमति की प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक कमर्शियल रन शुरू हो पाएगा।
पहले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों 18 जून को मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन राज्यसभा चुनाव के कारण यह कार्यक्रम बदल गया।
अब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 20 जून को इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के भूमि पूजन के लिए इंदौर आने वाले हैं। संभावना थी कि इसी दौरान मेट्रो प्रोजेक्ट का शुभारंभ भी किया जा सकता है, लेकिन अभी तक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है और मेट्रो प्रबंधन को कोई नई तारीख नहीं मिली है।
इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक पहुंचने का इंतजार लंबे समय से जारी है। इससे पहले कई बार संचालन की तारीखों का दावा किया गया था।
पहली बार तय : 2 अक्टूबर 2025, दशहरे और गांधी जयंती पर चलाने का दावा।
दूसरी बार तय : 20 अक्टूबर 2025, दीपावली पर संचालन का दावा।
तीसरी बार तय : दिसंबर 2025 तक चलाने की बात।
चौथी बार तय : मार्च 2026 तक चलाने का दावा जिला योजना समिति की बैठक में किया गया।
पांचवीं बार तय : अप्रैल 2026, मार्च में सीएमआरएस से एनओसी मिलने के बाद।
छठवीं बार तय : 18 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री के हाथों शुभारंभ का दावा।
एसीएस संजय दुबे ने किया मेट्रो प्रोजेक्ट का निरीक्षण
बुधवार को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने रेडिसन चौराहा स्थित मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो में सफर कर गांधी नगर स्टेशन तक निरीक्षण किया।
इसके बाद दोपहर 11 बजे मेट्रो डिपो में अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इस बैठक में मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे।
एसीएस दुबे ने एयरपोर्ट के पास बन रहे भूमिगत मेट्रो स्टेशन और खजराना चौराहे के उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां से मेट्रो अंडरग्राउंड होगी। उन्होंने टनल बोरिंग मशीन (TBM) की तैयारियों, यातायात प्रबंधन, उपयोगिताओं के शिफ्टिंग कार्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और काम समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही यातायात प्रबंधन को बेहतर रखने के निर्देश भी दिए।