
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने महू एसडीएम राकेश परमार को महू से हटा दिया। परमार को महू से हटाकर प्रशासनिक संकुल में बैठा दिया है। उन्हें फिलहाल किसी शाखा का प्रभार नहीं सौंपा गया है। अब वे कलेक्टर द्वारा सौंपे गए काम करेंगे। हाईकोर्ट द्वारा 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद हुई इस कार्रवाई को प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त संदेश माना जा रहा है। परमार की कार्यप्रणाली को लेकर भी कलेक्टर और संभागायुक्त तक कई शिकायतें पहुंच रही थीं।
परमार की जगह प्रोटोकाल की जिम्मेदारी संभाल रहे विनोद राठौड़ को महू एसडीएम बनाया गया है। एसडीएम अजय भूषण शुक्ला को प्रोटोकाल का दायित्व सौंपा गया है। वे अब तक बिचौली हप्सी में पदस्थ थे। बिचौली हप्सी की जिम्मेदारी संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को दी गई है।
महू के बरड़िया गांव की करीब एक हेक्टेयर जमीन पर कब्जे से जुड़ा है। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ अपील पर एसडीएम ने पहले रोक लगाई, लेकिन बाद में इसे हटा दिया। आरोप था कि रोक हटाने के लिए किसी पक्ष ने आवेदन ही नहीं दिया था। आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने रोक हटाने का कानूनी आधार पूछा, लेकिन निर्धारित तारीखों पर जवाब पेश नहीं हुआ। इसके बाद 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जूनी इंदौर तहसीलदार राकेश सस्तीया को सत्कार शाखा भेजा गया है और उनके स्थान पर सपना शर्मा को जूनी इंदौर तहसीलदार बनाया गया है। योगेंद्र सिंह राठौर को भू-अभिलेख शाखा से जूनी इंदौर नायब तहसीलदार बनाया गया। जबकि नायब तहसीलदार अशोक परमार को भू-अभिलेख शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। राजेश सोनी को अपर तहसीलदार खुड़ैल, योगेश मेश्राम को तहसीलदार देपालपुर (कार्य दंडाधिकारी) और नागेंद्र त्रिपाठी को नायब तहसीलदार सांवेर टप्पा शिप्रा का दायित्व सौंपा गया है।
विकास रघुवंशी को बिचौली हप्सी तहसीलदार बनाया गया है। अनिल पटेल को खुड़ैल में कार्यपालिक दंडाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। यशदीप रावत को शिकायत शाखा और अखिलेश कुमार सरमंडल को नायब तहसीलदार महू टप्पा सिमरोल का दायित्व सौंपा गया है।