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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंदौर में दूध की शुद्धता की जांच 30 साल से बंद, पहले शहर के बॉर्डर पर ही होती थी सैंपलिंग

इंदौर शहर में प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध की खपत होती है। इसके बाद भी शहर में दूध की एंट्री होने से पहले शुद्धता जांचने के लिए सिस्टम 30 साल से बंद है।...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 13 Aug 2024 09:40:20 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Aug 2024 04:00:00 AM (IST)
इंदौर में दूध की शुद्धता की जांच 30 साल से बंद, पहले शहर के बॉर्डर पर ही होती थी सैंपलिंग
कैसे रुकेगी दूध की मिलावट, जब जांच के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. इंदौर में दूध विक्रेता कर रहे जांच की मांग।
  2. प्रशासन नहीं लागू कर रहा जांच का सिस्टम।
  3. ऐसे में मिलावट का खतरा भी बढ़ जाएगा।

लोकेश सोलंकी, नईदुनिया इंदौर। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध की खपत इंदौर में मानी जाती है। जबकि शहर में आ रहे दूध की गुणवत्ता पर चौकसी का सिस्टम 30 साल से ठप है। हाई कोर्ट इस संबंध में आदेश जारी कर चुका है।

दूध विक्रेताओं ने खुद जांच की मांग उठाई। बावजूद प्रशासन एंट्री पाइंट पर निगरानी का सिस्टम लागू नहीं कर रहा है। त्योहारों के दौरान खपत और बढ़ेगी, ऐसे में मिलावट का खतरा भी बढ़ जाएगा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पिछले साल दूध में मिलावट ना रोक पाने पर प्रशासन के रवैये को लापरवाह बताते हुए फटकार लगाई थी।


कोर्ट ने कलेक्टरों को दिए थे आदेश

कोर्ट ने छह बिंदुओं के निर्देश दिए थे। इसमें सभी कलेक्टरों को आदेशित किया था कि एंट्री और एक्जिट पाइंट पर जांच नाके बनाए जाएं। साथ ही मोबाइल टेस्टिंग लैब, सैंपलिंग और कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।

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इसी आदेश का हवाला देते हुए इंदौर दूध विक्रेता संघ ने कलेक्टर को लिखित पत्र सौंपा है। दूध विक्रेता संघ ने मांग की है कि शहर की सीमाओं पर दूध की जांच शुरू की जाए। इसके साथ हाई कोर्ट के आदेश की प्रति भी है।

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दूध के लिए जांच नाके बनाएं जाएं

30 साल पहले तक शहर की सीमाओं पर ही दूध की सैंपलिंग होती थी। बाद में बंद कर दी गई। अब इंदौर में निमाड़ क्षेत्र, देवास, उज्जैन, नागदा के गांवों तक से दूध आता है। शहर बढ़ा है, खपत बढ़ी है ऐसे में जांच नाके बनाकर फिर से पुराना सिस्टम लागू करना जरूरी है। - भरत मथुरावाला, अध्यक्ष इंदौर दूध विक्रेता संघ