
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में जनता से जुड़ी पानी की समस्यांओं को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। अभी भागीरथपुरा में लोगों की मौत का सरकारी आंकड़ा चार है। मैं भागीरथपुरा घूमकर आया तो मुझे आठ लोगों की जानकारी मिलें। हम देखेंगे कि सरकार ने सिर्फ चार को ही कैसे जोड़ा।
वहां के चिकित्सकों का कहना है कि कुछ प्राकृतिक मौते है। यदि किसी की डायरिया से माैत हुई होगी तो उसे भी मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार राशि दी जाएगी। यदि किसी का घर पर उपचार हो रहा होगा तो डाॅक्टर के लाइन ऑफ ट्रीटमेंट से भी मरीज की मौत का कारण पता चल जाएगा।
ये बातें नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में मंत्री विजयवर्गीय ने अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के साथ कलेक्टर, निगमायुक्त, विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा सांसद शंकर लालवानी की बैठक हुई।
मंत्री विजयवर्गीय बोले भागीरथपुरा के 1400 लोगों के दूषित पानी से संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। 200 को भर्ती करना पड़ा है और बाकी को प्राथमिक उपचार दिया गया। गुरुवार को भी 40 अधिक मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। जो मरीज मरी आईसीयू में भर्ती है,वो भी डेंजर जोन में नहीं है।
हमारी प्राथमिकता है लोगों को लोगों को इलाज समय पर और अच्छा मिले। जिन निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती है, वहां पर राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी रहेंगे। वहां पर हेल्प डेस्क भी बनेगी ताकि कोई परेशानी हो तो मरीज के स्वजन बता सके। हमारे कार्यकर्ता भी अस्पताल में एक-एक बेड पर जाकर मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे है। जिस भी मरीज को नारियल पानी या अन्य किसी चीज की जरुरत होगी वो उपलब्ध करवाया जाएगा।