
Mokshada Ekadashi 2023: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। योगेश्वर भगवान कृष्ण के मुख से युद्ध के मैदान गीता के अवतरण का दिन मोक्षदा एकादशी शनिवार को हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। इस मौके पर शहर के पूर्वी क्षेत्र स्थित गीता भवन में गीता के 18 अध्यायों का सामूहिक पाठ सुबह 8 बजे से किया जाएगा। इससे पहले सुबह भगवान शालीग्राम के श्री विग्रह पर विष्णु सहस्त्रनाम पाठ से सामूहिक पूजन, अभिषेक एवं आरती होगी। इसके बाद गीता के विभिन्न प्रसंगों पर देशभर से आए संत-विद्वान दोपहर 1 बजे संबोधित करेंगे।
सात दिनी गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शहर को हराभरा रखने की शपथ भी ली। इस मौके पर जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज ने कहा कि आज संसार के भौतिक सुखों की होड़ में हमने प्रकृति को भी दूषित-प्रदूषित करने के अनेक संसाधन जुटा लिए हैं। हमने चौराहों को पीकदान और सड़कों को डस्टबीन समझ लिया है।

पर्यावरण, परमात्मा द्वारा सृजित प्रकृति का साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त स्वरूप है। पोलीथीन एवं प्लास्टिक के उपयोग से लेकर अपने नदी-नालों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए हमें संगठित और सामूहिक प्रयास करना होंगे। प्रदूषण मुक्त शहर की स्थापना के लिए हमें अपने शहर को हरा-भरा बनाने की जरूरत है। इस दिशा में हम पर्यावरण की शुद्धता के लिए हर आंगन में कम से कम एक पौधा तुलसी या पीपल का लगाने का संकल्प लेते हैं।
अध्यक्ष राम ऐरन, मंत्री रामविलास राठी व कोषाध्यक्ष मनोहर बाहेती ने बताया कि गीता जयंती का मुख्य आयोजन शनिवार को होगा। इस अवसर पर दोपहर में 1 बजे से स्वामी देवकीनंदन दास, पानीपत से आई साध्वी ब्रह्मज्योति सरस्वती, अजमेर से आई साध्वी अनादि सरस्वती, हरिद्वार से आए श्रवण मुनि आदि के प्रवचन होंगे।