
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौर-खंडवा राजमार्ग पर वाहनों की कतारें लगते ही लोग चोरल में बनने वाली निर्माणधीन सुरंग से निकल रहे है। काम अधूरा होने के चलते मेघा इंजीनियरिंग ने रास्ता बंद कर रखा है। बावजूद इसके शनिवार को फिर एक बार वाहन चालक सुरंग से निकलते नजर आए।
सुरक्षा की दृष्टि से निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने इन्हें मना किया तो लोग विवाद करने लगे। इसके चलते एजेंसी का काम प्रभावित हो रहा है। उधर एनएचएआइ ने जिला प्रशासन से लेकर सिमरोल पुलिस को कई बार आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक सुरंग से जबरन निकल रहे वाहन चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पिछले साल जून में भारी वर्षा के चलते चोरल सुरंग का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद सुरंग का रास्ता बंद कर दिया। बावजूद इसके ग्रामीण और वाहन चालक समय बचाने के चक्कर में निर्माणधीन सुरंग से गाड़ियां निकाल रहे है। अभी तक एक दर्जन से ज्यादा बार वाहन चालक और एजेंसी के कर्मचारियों के बीच विवाद हो चुका है।
यहां 500 मीटर लंबी इस सुरंग बनाई जा रही है।सुरंग में किसी तरह की दुर्घटना रोकने के लिए दोनों तरफ बैरिकेड और लोहे के गेट लगाए हैं इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद कुछ लोग सुरंग से होकर निकलने के लिए विवाद करते है। लोगों का कहना है कि सुरंग से रास्ता मिलने पर करीब तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बच जाता है।
शनिवार शाम करीब चार बजे कुछ ग्रामीण और वाहन चालक सुरंग के पास पहुंचे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से गेट खोलने को लेकर बहस शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए लोगों को रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान कुछ वाहन चालकों ने बैरिकेड और गेट हटा दिया। फिर सुरंग से 200 मीटर दूरी पर रास्ता बंद करने के लिए पत्थर की कोशिश की। विवाद के बीच एक ग्रामीण ने सुरक्षा गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। बताया गया कि अगस्त-सितंबर के बीच आठ से दस बार इसी सुरंग से निकलने को लेकर लोग व ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों के बीच विवाद किया है।
मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते निर्माणधीन सुरंग का रास्ता बंद कर रखा है। मगर लोग वहीं से निकलते है। कई बार विवाद की स्थिति बनती है। घटना के बारे में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी है। साथ ही एसडीएम और सिमरोल पुलिस को भी आवेदन दिया गया है।