
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना के मामले में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री निवास भोपाल में अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में ही मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने के निर्देश दिए।
वहीं इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। इससे पहले दोपहर में रोहित सिसोनिया को हटाने के निर्देश हटाकर उप सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में तबादला किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी, इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं।
इंदौर के भागीरथपुरा की जल त्रासदी पर राज्य सरकार अब हरकत में आ गई है। शुक्रवार दोपहर दो अधिकारियों को हटाने के बाद अब देर शाम सरकार ने इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को भी हटा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सोशल मीडिया पोस्ट पर इसकी जानकारी दी गई है।
इसमें लिखा गया है कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
इस बीच, शुक्रवार को दूषित पानी पीने के बाद 10 दिन से बीमार भागीरथपुरा निवासी 68 वर्षीय गीताबाई ध्रुवकर की मौत हो गई। यह शहर में दूषित पानी से जुड़ी 15वीं मौत है। इसी मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के 294 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 93 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 32 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं। रिपोर्ट में उल्टी-दस्त से चार मौत होने की बात कही गई है।
हालांकि, देर शाम अतिरिक्त महाधिवक्ता रोहित सेठी ने भागीरथपुरा में आठ मौत होने की बात स्वीकार की। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड पर ले लिया है। अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी।
बता दें, देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में 29 दिसंबर को उस समय हड़कंप मच गया था, जब दूषित पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए।
इसके बाद बीमारी तेजी से फैली और अब तक मरीजों की संख्या करीब 3000 तक पहुंच चुकी है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पेयजल में मल-मूत्र मिल रहा था, जिसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े और कई को अपनी जान गंवानी पड़ी।