
इंदौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। एबी रोड स्थित शालीमार टाउनशिप से गुजरने वाली सड़क पर अतिक्रमण को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में बुधवार को भी इंदौर नगर निगम का जवाब नहीं आया। मुख्य न्यायाधिपति ने इस पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तीन साल से यही तय नहीं हो पा रहा है कि निर्माण अवैध है या नहीं। नगर निगम तीन साल से जवाब तक नहीं दे रहा। यह हाई कोर्ट है कि क्या है। मामले में अब शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी। निगम को इसके पहले जवाब देना होगा। हाई कोर्ट में चल रही यह जनहित याचिका दयाराम बोकारे ने दायर की है। इसमें कहा है कि शालीमार टाउनशिप से पीछे की तरफ वाली सड़क पर टाउनशिप प्रबंधन ने कब्जा कर उसके दोनों तरफ गेट लगा दिए हैं।
इससे आम आदमी का आवागमन बाधित हो रहा है। याचिका में यह भी कहा है कि टाउनशिप की हद में आने वाली उक्त जमीन को इसी शर्त पर छोड़ा गया था कि वहां सड़क बनेगी और आम आदमी वहां से आनाजाना कर सकेगा। आइडीए ने सड़क तो बना दी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा, क्योंकि दोनों तरफ से गेट लगा दिए गए हैं। टाउनशिप को अनुमति देते समय भी शर्त थी कि इसे आवागमन के लिए खुला रखा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद नगरीय प्रशासन मंत्रालय, आइडीए सीइओ, निगमायुक्त, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, आदर्श गुरु नानक गृह निर्माण सहकारी संस्था समिति, शालीमार हाउसिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड के डायरेक्टर और तत्कालीन कलेक्टर को नोटिस जारी किया था। याचिका में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।
मामला संज्ञान में आया है। न्यायालय के आदेश का अक्षरक्ष: पालन किया जाएगा। सैद्धांतिक रूप से किसी भी कालोनी में आवागमन के रास्ते को गेट लगाकर बंद नहीं किया जा सकता। - पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
और इधर साढ़े तीन साल बाद भी तय नहीं हुई युवक की मौत की जिम्मेदारी

दो अप्रैल 2019 की रात नितिन रायमधुरकर इस गड्ढे में गिर गया था। दूसरे दिन उसकी चप्पलें गड्ढे में तैरती दिखी थीं। - नईदुनिया अर्काइव
सड़क पर बने गड्डे में गिरने से हुई युवक की मौत के मामले में साढ़े तीन साल बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी। इस संबंध में हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में नगर निगम का कहना है कि गड्ढा हमने नहीं खोदवाया था जबकि शासन का कहना है कि जिस क्षेत्र में गड्ढा खोदा गया था वह नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आता है। याचिकाकर्ता अब इस संबंध में रिजाइंडर प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि दो अप्रैल 2019 की रात सड़क पर गड्ढे में गिरने से नितिन (21) पिता सियाराम रायमधुकर की मौत हो गई थी। गड्ढे के आसपास न तो सुरक्षा के इंतजाम थे न ही कोई संकेतक लगे थे। हादसे की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में एडवोकेट मोहनसिंह चंदेल ने याचिका दायर की है। इसमें जिम्मेदारों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और मृतक के स्वजन को एक करोड़ रुपये बतौर मुआवजा देने की मांग की है। बुधवार को याचिका में सुनवाई हुई। एडवोकेट चंदेल ने बताया कि निगम ने जवाब दे दिया है। मामले में अब जनवरी के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी।