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एमपी हाई कोर्ट का नया रोस्टर जारी, क्रिमिनल से टैक्स मामलों तक तय हुआ बेंचवार जिम्मेदारी बंटवारा

एमपी हाई कोर्ट की बेंच में 17 अगस्त से नया रोस्टर लागू होगा। इसमें डिवीजन और सिंगल बेंच के मामलों का नया आवंटन किया गया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 10:52:10 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 10:52:10 AM (IST)
एमपी हाई कोर्ट का नया रोस्टर जारी, क्रिमिनल से टैक्स मामलों तक तय हुआ बेंचवार जिम्मेदारी बंटवारा
एमपी 17 अगस्त से बदलेगा इंदौर हाई कोर्ट का रोस्टर (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. 17 अगस्त से एमपी के हाई कोर्ट में नया रोस्टर प्रभावी होगा
  2. डिवीजन बेंच-1 में सुबोध अभ्यंकर और आलोक अवस्थी रहेंगे
  3. क्रिमिनल मामलों के लिए अलग-अलग सिंगल बेंच निर्धारित की

डिजिटल डेस्क, इंदौर। हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में 17 अगस्त से नया रोस्टर प्रभावी हो जाएगा। एक्टिंग चीफ जस्टिस की मंजूरी के बाद जारी नोटिफिकेशन में डिवीजन और सिंगल बेंच के लिए मामलों का नया आवंटन किया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसके साथ 26 जून के रोस्टर सहित इससे पहले जारी सभी संबंधित आदेश प्रतिस्थापित माने जाएंगे।

डिवीजन बेंच-1 को अहम मामलों की जिम्मेदारी

नए रोस्टर के अनुसार डिवीजन बेंच-1 में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी मामलों की सुनवाई करेंगे। इस बेंच के अधिकार क्षेत्र में रिट अपील, पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित ग्रीन बेंच के मामले और जनहित याचिकाएं शामिल हैं।

इसके अलावा एमपी कर्मचारी चयन बोर्ड/व्यापमं परीक्षा घोटाले से जुड़े मामले, कानून की वैधता, नेशनल हाईवे निर्माण, सरकारी एवं स्थानीय निकायों के कॉन्ट्रैक्ट टेंडर, माइंस एंड मिनरल्स तथा अवैध हिरासत से संबंधित हेबियस कॉर्पस याचिकाओं की सुनवाई भी इसी बेंच में होगी।


टैक्स और नगर निकाय से जुड़े मामले भी शामिल

डिवीजन बेंच-1 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी दी गई है। नगर निगम और नगरपालिकाओं से जुड़े अतिक्रमण हटाने, सार्वजनिक सड़कों पर अवरोध, स्ट्रीट वेंडर्स तथा कमर्शियल कोर्ट के आदेशों से संबंधित मामले भी इसी बेंच के सामने आएंगे। इसके साथ आर्बिट्रेशन कंपनी मामले, टैक्सेशन अपील और संदर्भ, बार काउंसिल व बार एसोसिएशन से जुड़े मामले, क्रिमिनल कंटेम्प्ट, कंटेम्प्ट अपील और फर्स्ट अपील (मैट्रिमोनियल) भी डिवीजन बेंच-1 के क्षेत्र में रहेंगे।

सिंगल बेंच में भी बदला मामलों का बंटवारा

सिंगल बेंच में जस्टिस संदीप एन. भट्ट कोर्ट रूम नंबर 9 में सभी रिट पिटीशन की सुनवाई करेंगे। हालांकि सर्विस मामलों को इससे अलग रखा गया है। उनके पास टैक्स मामलों, सभी मिसलेनियस पिटीशन और रेजिडुअल सिविल मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी भी होगी। जस्टिस विनय सराफ को फर्स्ट और सेकंड अपील, मोटर व्हीकल एक्ट को छोड़कर मिसलेनियस अपील, मिसलेनियस सेकंड अपील और सिविल रिवीजन की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा कंपनी अपील तथा आर्बिट्रेशन केस और अपील भी उनकी बेंच में सुने जाएंगे।

क्रिमिनल मामलों के लिए अलग-अलग बेंच निर्धारित

क्रिमिनल मामलों के लिए भी अलग बेंच निर्धारित की गई हैं। जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी और जस्टिस गजेंद्र सिंह क्रमशः सिंगल बेंच-III और IV में एमसीआरसी तथा क्रिमिनल रिट पिटीशन की सुनवाई करेंगे। जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी को सर्विस मैटर की रिट पिटीशन, सिविल कंटेम्प्ट और कंपनी पिटीशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जस्टिस जय कुमार पिल्लई क्रिमिनल अपील, क्रिमिनल रिवीजन, मिसलेनियस सिविल केस और मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित मिसलेनियस अपीलों की सुनवाई करेंगे।

बुधवार-गुरुवार को होगी फाइनल हियरिंग

रोस्टर के तहत प्रत्येक कोर्ट के लिए फाइनल हियरिंग मामलों की मासिक सूची जारी की जाएगी। इन मामलों की सुनवाई हर बुधवार और गुरुवार को दोपहर 2.30 बजे से होगी। सूची तैयार करते समय पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ ऊपर रखा जाएगा।

नए रोस्टर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बेंच उपलब्ध नहीं होने पर मामलों को निर्धारित वैकल्पिक बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। अत्यधिक जरूरी मामलों के लिए उसी दिन या अगले दो कार्य दिवसों में आउट ऑफ टर्न लिस्टिंग की मांग करते हुए मेंशनिंग की जा सकेगी।