इंदौर में राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए एमपी पुलिस ने दिया राजीव गांधी हत्याकांड का हवाला
Chhatra Ki Goonj in Indore: पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम में आने वालों की वास्तविक संख्या बताने के साथ यह भी पूछा है कि किस जिले या कॉलेज से कितने लो...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 07:53:49 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 08:22:48 AM (IST)
राहुल गांधी का इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम शनिवार को होना है। - फाइल फोटोHighLights
- मध्य प्रदेश पुलिस ने पूछा- किस कॉलेज और जिले से कितने आएंगे बताना होगा
- बस-रेल की जानकारी के साथ वाहनों के नंबर और चालकों के मोबाइल भी मांगे
- कार्यक्रम में उत्तेजक चित्र, बैनर, पोस्टर या होर्डिंग प्रदर्शित नहीं किया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हुई हत्या का हवाला देकर पुलिस ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर आयोजकों के सामने 31 शर्तें रखी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी निर्देशों में पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।
पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम में आने वालों की वास्तविक संख्या बताने के साथ यह भी पूछा है कि किस जिले या कॉलेज से कितने लोग आ रहे हैं। कितने निजी वाहनों से आएंगे और कितने बस या रेल से। पुलिस ने वाहनों के नंबर और चालकों के मोबाइल नंबर भी मांगे हैं। पुलिस की इन शर्तों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि ये शर्तें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लगाई गई हैं।
ये हैं कुछ शर्तें जो पुलिस ने रखी हैं
आयोजक अपेक्षित उपस्थिति की वास्तविक संख्या लिखित शपथ-पत्र पर दें। इसमें पुरुष एवं महिला/छात्राओं की अलग—अलग संख्या मांगे। स्थल की क्षमता से अधिक संख्या की अनुमति नहीं होगी तथा स्वीकृत क्षमता भरने पर प्रवेश रोकने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित रहेगा।
परिवहन का विवरण प्रस्तुत किया जाए। किस जिले/तहसील/महाविद्यालय से कितने व्यक्ति आ रहे हैं, कितने बस से, कितने निजी वाहन से एवं कितने रेल से, बसों की कुल संख्या, वाहन क्रमांक, चालक का नाम एवं मोबाइल सहित सूची, तथा प्रत्येक समूह का आगमन मार्ग, अनुमानित समय एवं निर्धारित पार्किंग पाकिट पूर्व में तय किया जाएगा।
- स्थल का स्केल-मैप प्रस्तुत किया जाए। इसमें मंच, डी-एरिया, सेक्टर विभाजन, गैंगवे, होल्ड-अप एरिया, प्रवेश एवं निकास द्वार, आपातकालीन कारिडोर तथा पार्किंग स्पष्ट रूप से अंकित हों।
- भीड़ को दो हजार व्यक्ति क्षमता के पृथक सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर का रंग-कोड, क्रमांक एवं नामित सेक्टर प्रभारी होगा।
- प्रत्येक सेक्टर के बीच पर्याप्त चौड़ाई का मार्ग हो। प्रवेश द्वार से मंच तक छह मीटर चौड़ा आपातकालीन कारिडोर खाली रखना होगा।
- मंच के सामने 25 से 30 फीट का खाली डी-एरिया रहेगा। इसमें सिर्फ सुरक्षाकर्मी रहेंगे।
- मंचस्थ अतिथि, मंचस्थ छात्र, स्वयंसेवक एवं मीडिया के लिए पृथक-पृथक होल्ड-अप एरिया बनाए जाएंगे।
- डोम/पंडाल अग्निरोधी सामग्री से बनेगा। इसका प्रमाण पत्र देना होगा।
- कम से कम छह प्रवेश एवं आठ निकास द्वार बनाने होंगे।
- प्रत्येक प्रवेश द्वार पर महिलाओं के लिए पृथक पर्दायुक्त फ्रिस्किंग एनक्लोजर तथा पर्याप्त महिला सुरक्षाकर्मी/स्वयंसेवक रहेंगी।
- कम से कम 1500 स्वयंसेवक, जिनमें कम से कम 500 महिलाएं होंगी, सेक्टरवार तैनात करने होंगे।
- ड्रोन के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल पुलिस का अधिकृत ड्रोन प्रयुक्त होगा।
कार्यक्रम में कोई आपत्तिजनक अथवा उत्तेजक चित्र, बैनर, पोस्टर या होर्डिंग प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। किसी धर्म, जाति, समुदाय अथवा राजनीतिक/गैर-राजनीतिक संगठन के विरुद्ध भड़काऊ या अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जाएगी। पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराकर पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी।
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