
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। चुनाव का दौर खत्म होने के बाद मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अब तुरत-फुरत परीक्षाएं करवाने में जुट गया है। दिसंबर में एक के बाद एक तीन परीक्षाएं आयोजित होंगी। अभ्यर्थी परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आयोग ने इनकार कर दिया है। पीएससी ने कहा परीक्षाएं तय समय पर ही होंगी।
चुनाव का दौर खत्म होने के बाद मप्र लोकसेवा आयोग ने परीक्षाओं के रुके रिजल्ट जारी करने और परीक्षाएं करवाने की तैयारी कर ली है। 10 दिसंबर से राज्य वन सेवा परीक्षा 2022 की मुख्य परीक्षा आयोजित होगी। 17 दिसंबर को राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 आयोजित होगी। इसके बाद 26 दिसंबर से राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2022 शुरू हो जाएगी।

अभ्यर्थी शिकायत कर रहे हैं कि एक के बाद एक तीन परीक्षाएं हो रही हैं। सैकड़ों अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्हें तीनों में भाग लेना है। ऐसे में उन्हें तैयारी करने और संभलने का मौका भी नहीं मिल सकेगा। हालांकि, पीएससी के ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने कहा कि परीक्षाओं में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा। तय समय पर परीक्षाएं करवाने के लिए आयोग प्रतिबद्ध है, क्योंकि परीक्षाओं में देरी होने से अभ्यर्थी ही शिकायत करते हैं।
पीएससी ने परीक्षाओं के नतीजे जारी करने का सिलसिला भी शुरू कर दिया। राज्य पात्रता परीक्षा-2022 का रिजल्ट आयोग ने सोमवार शाम जारी कर दिया। पीएससी ने इसमें भी ओबीसी आरक्षण विवाद के चलते 87 प्रतिशत के मुख्य भाग और 13-13 प्रतिशत के प्रावधिक भाग में रिजल्ट जारी किया है। इस पर अभ्यर्थी आपत्ति ले रहे हैं। अभ्यर्थी आकाश पाठक के अनुसार सेट पात्रता परीक्षा होती है। इसके प्रमाणपत्र को उम्मीदवार कालेज शिक्षक बनने के लिए उपयोग करता है। पात्रता परीक्षा में आखिर प्रावधिक सूची कैसे हो सकती है।