एमपीपीएससी-2019 लापता, अभ्यर्थियों ने इंदौर में चिपकाए पोस्टर
बगीचों में घूमने आए लोगों से मिलकर पीएससी और सरकार की सुस्ती के खिलाफ नोटा पर वोट करने की अपील की। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Thu, 30 Jun 2022 03:40:39 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jun 2022 03:40:39 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राज्यसेवा परीक्षा 2019 में हो रही देरी से परेशान युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एक दिन पहले नोटा के समर्थन में अभियान छेड़ने वाले अभ्यर्थियों ने गुरुवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर एमपीपीएससी-2019 लापता के पोस्टर लगा दिए हैं। इस बीच ये युवा शहर में लोगों के बीच जाकर नोटा पर वोट करने की अपील भी कर रहे हैं।
दरअसल मप्र लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्यसेवा परीक्षा लगातार आरक्षण विवाद के चक्कर में उलझ रही है। राज्यसेवा 2019 के तो दो दौर संपन्न हो चुके हैं। अप्रैल में ही इंटरव्यू का आखिरी दौर आयोजित कर चयनित अभ्यर्थियों को जून-जुलाई में पदस्थापना दी जाना थी। इसके उलट ओबीसी आरक्षण पर सरकार की नीति के खिलाफ न्यायालय से आए निर्णय के बाद पूरी प्रक्रिया ही रोक दी गई। बीते दिनों अभ्यर्थियों ने भोपाल में सरकार से लेकर इंदौर में पीएससी मुख्यालय पर भी धरना प्रदर्शन और ज्ञापन दिए। अभ्यर्थियों के अनुसार कोर्ट ने कहा है कि 2015 की आरक्षण नीति के हिसाब से परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
फिर भी पीएससी न तो इस पर स्थिति साफ कर रहा है न ही प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। आयोग और सरकार खामोश बैठे हैं क्योंकि वे न तो मुद्दा सुलझाना चाहते हैं न ही युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चार वर्षों से पीएससी ने राज्यसेवा में नियुक्तियां नहीं दी है।गुरुवार को अभ्यर्थियों ने अल सुबह से विरोध शुरू कर दिया। शहर के बगीचों में घूमने आए लोगों से मिलकर पीएससी और सरकार की सुस्ती के खिलाफ नोटा पर वोट करने की अपील की।