
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र-5 और महू की तस्वीर अब बदलने जा रही है। अब तक औद्योगिक विकास से दूर इन दोनों क्षेत्रों को प्रदेश सरकार की हर विधानसभा में कम से कम एक एमएसएमई औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना के तहत चुना गया है। जमीन की तलाश कर जल्द ही यहां नए औद्योगिक क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। नए उद्योगों से न सिर्फ शहर की आर्थिकी मजबूत होगी, बल्कि उक्त क्षेत्रों में रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर भी शहरवासियों को मिलेंगे।
प्रदेश सरकार की मंशा है कि हर जिले में कम से कम एक सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) केंद्र स्थापित हो। यह नीति तीन महीने पहले बनी थी। उसके बाद उच्च स्तरीय बैठक भोपाल में हो चुकी है। अब जिला स्तर पर संबंधित विभाग योजना को गति देने की तैयारी कर रहे हैं। एमएसएमई के लिए इस साल पिछले साल की तुलना में करीब 22 प्रतिशत ज्यादा बजट प्राप्त हुआ है।
एमएसएमई के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में करीब 81 विधानसभाओं की शिनाख्त हुई है, जहां वर्तमान में कोई उद्योग नहीं हैं, इनमें जिले की इंदौर-पांच और महू विधानसभाएं भी शामिल हैं। नई नीति के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा प्रशासन को चिट्ठी लिखकर उक्त दोनों विधानसभाओं में सरकारी जमीन की तलाश और आवंटन का आग्रह किया है। जिले की नौ विधानसभाओं में केवल उक्त दो ही ऐसी हैं, जहां कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं है।
इंदौर-एक में पोलोग्राउंड का कुछ हिस्सा, किला मैदान, संगम नगर, रामबलीनगर आदि औद्योगिक क्षेत्र पहले ही स्थापित हैं। इसी तरह इंदौर-दो में सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के कुछ सेक्टर शामिल हैं। इंदौर-तीन में पालदा औद्योगिक क्षेत्र आ जाता है, जहां दाल मिलों सहित कई छोटे-बड़े उद्योग हैं। इंदौर-चार में बड़े उद्योग नहीं हैं, लेकिन स्कीम नंबर-71 में कुछ छोटे-बड़े उद्योग होने से संभवतः उसे नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने वाली श्रेणी में नहीं लिया गया है।
इसी तरह राऊ में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र वर्षों से चल रहा है। यहां नए उद्योग लाने की कवायदें भी हो रही हैं। सांवेर विधानसभा में सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अलावा मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का कुछ हिस्सा आ जाता है, जबकि देपालपुर में हातोद क्षेत्र है, जहां मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) भी नए क्षेत्र विकसित कर रहा है।
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नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए शासकीय जमीन चिह्नित की जा रही है। इनके स्थापित होने से उद्योगों को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। - एसएस मंडलोई, संयुक्त संचालक उद्योग