
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जल कनेक्शन को स्थाई रूप से हटाने, बिल की शिकायत और प्रकरणों में एकरूपता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है।
अब जल कनेक्शन स्थाई रूप से कटवाने के लिए उपभोक्ता को संबंधित क्षेत्र के सहायक यंत्री के समक्ष लिखित आवेदन देना होगा। इस आवेदन में उपभोक्ता की कंज्यूमर आईडी, नाम, जल कनेक्शन का पता, मोबाइल नंबर एवं कनेक्शन विच्छेदन का कारण बताना होगा।
आवेदन प्राप्त होने पर संबंधित सहायक यंत्री द्वारा उपभोक्ता के अभिलेखों एवं जलप्रदाय से संबंधित बकाया देयकों की जांच की जाएगी। कनेक्शन विच्छेदन के लिए आवश्यक कार्य का शुल्क तय किया जाएगा और इसकी जानकारी उपभोक्ता को दी जाएगी। कनेक्शन विच्छेदन से पहले उपभोक्ता को जलप्रदाय से संबंधित समस्त बकाया राशि एवं निर्धारित विच्छेदन शुल्क का पूर्ण भुगतान करना होगा। संपूर्ण राशि जमा होने की पुष्टि संबंधित सहायक यंत्री द्वारा किए जाने के बाद कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्य पूर्ण होने के बाद सहायक यंत्री द्वारा विच्छेदन प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित सहायक राजस्व अधिकारी को भेजा जाएगा। प्रतिवेदन में कंज्यूमर आईडी, उपभोक्ता का नाम एवं पता, आवेदन दिनांक, बकाया एवं भुगतान की स्थिति तथा वास्तविक विच्छेदन दिनांक का उल्लेख किया जाएगा। सहायक यंत्री से विच्छेदन प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद सहायक राजस्व अधिकारी द्वारा 150 रुपये की रसीद जारी की जाएगी तथा संपूर्ण प्रकरण उपभोक्ता का खाता बंद करने की कार्यवाही हेतु नगर निगम मुख्यालय प्रेषित किया जाएगा।
स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ कनेक्शन विच्छेदन के लिए आवेदन देने से बिलिंग बंद नहीं होगी। जल कनेक्शन के वास्तविक विच्छेदन तारीख तक की देय राशि उपभोक्ता को जमा करना होगी। भौतिक विच्छेदन एवं निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उपभोक्ता का खाता बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित की गई समय-सीमा के अनुसार आवेदन प्राप्त होने के पश्चात संबंधित सहायक यंत्री को 10 दिवस के भीतर देय राशि एवं विच्छेदन शुल्क की जानकारी उपभोक्ता को देना होगी। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद अधिकतम 30 दिन में जल कनेक्शन काट दिया जाएगा।
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