By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 06 Sep 2023 02:14:32 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 Sep 2023 09:20:36 AM (IST)
Mutual Fund Tips: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बढ़ती महंगाई के बीच बचत करना और उस बचत को कुछ इस अंदाज में निवेश करना की भविष्य में एक अच्छी पूंजी हाथ में रहे। बचत को अच्छे रिटर्न की उम्मीद में निवेश के लिए इन दिनों म्यूचुअल फंड यानी सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) खूब लोकप्रिय हो रहे हैं। बीते दो दशकों में म्यूचुअल फंड या एसआईपी के प्रति रुझान तो बढ़ा ही है। साथ ही इनके प्रति समझ बढ़ाने के लिए उत्सुकता भी बढ़ी है।
एसआईपी पर ऐसी ही जिज्ञासाओं का समाधान करने और निवेशकों के मन में आते प्रश्नों का उत्तर देने के लिए मंगलवार को नईदुनिया दफ्तर में थे सुमित सिंह मोंगिया। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और सेबी के पैनल में निवेशक, जागरुकता के लिए बतौर विशेषज्ञ शामिल हुए सीए सुमित सिंह मोंगिया ने नईदुनिया के पाठकों के फोन पर
एसआईपी और
म्यूचुअल फंड को लेकर पूछे सवालों के जवाब दिए।
प्रश्न: मेरा नाती पांच वर्ष का है। उसके लिए मैं पांच हजार रुपये प्रति माह का निवेश किस तरह करूं कि अच्छा रिटर्न हासिल कर सकूं? - राजेश अग्रवाल, देवास
उत्तर: म्यूचुअल फंड में निवेश में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें बैंकों की तरह किसी तरह का फिक्स ब्याज नहीं मिलता। यह बाजार से लिंक्ड होता है। बीते वर्षों में म्यूचुअल फंड के सालाना प्रदर्शन को देखते हुए 10 से 15 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलता देखा गया है। इसमें निवेश के लिए अवधि महत्वपूर्ण होती है। जितनी लंबी अवधि के लिए निवेश करेंगे रिटर्न उतना अच्छा मिलेगा। आपको 10 से 15 साल के लिए निवेश की योजना बनाना चाहिए।
प्रश्न: कर्मचारियों को प्राविडेंट फंड (भविष्य निधि) में 8 प्रतिशत का ब्याज मिलता है, यह पर्याप्त नहीं है। क्या ऐसा संभव है कि रुपया कहीं ओर निवेश कर सकें ताकि भविष्य के लिए अच्छा पैसा हाथ में आ सके? -अनिल कवचाले, गुमाश्ता नगर
उत्तर: म्यूचुअल फंड में कई योजनाएं हैं आप अपनी जरुरत के हिसाब से निवेश कर सकते हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता होती है आपकी पूंजी की सुरक्षा करना। इसलिए पीएफ में उसका ध्यान रखा जाता है। लिहाजा ब्याज थोड़ा कम होता है। म्यूचुअल फंड में आप निवेश करते हैं तो बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ रिस्क भी उससे जुड़ता है। इसमें अच्छा रिटर्न मिल सकता है, लेकिन फिक्स रिटर्न की गारंटी नहीं है। नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में भी विकल्प होता है कि आप इक्विटी यानी बाजार में अपने निवेश की हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। इसमें आपको थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है। यदि आप लांग टर्न के लिए निवेश करेंगे तो अच्छा रिटर्न मिलेगा।
प्रश्न: एफडी के साथ एलआइसी में भी निवेश किया है। बैंक में सिर्फ ब्याज मिलता है, लेकिन एलआइसी में सुरक्षा भी। मैं एकमुश्त निवेश करना चाहता हूं। एलआइसी के मर्जर से पूंजी डूबने का खतरा तो नहीं है? -नरसिंह कुण्डलवाल, सुदामा नगर
उत्तर: आप बीमा और निवेश दोनों उद्देश्यों को अलग-अलग रखें। एलआइसी की कोई पालिसी भी लेते हैं तो वो बीमा का प्रीमियम उससे काटती है शेष रुपये को निवेश करती है। उस आधार पर रिटर्न मिलता है। कंपनी के मर्जर से उसके डूबने का कोई खतरा नहीं है। बेहतर है बीमे के लिए आप अलग से पालिसी लें और अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से निवेश अलग से करें। इससे आप लंबे समय में अच्छी पूंजी जुटा सकेंगे।
प्रश्न: एसआईपी में कितना निवेश किया जा सकता है जिससे अच्छा रिटर्न भी मिल सके और रिस्क भी नहीं रहे? -सुरेश मंगवानी, इंदौर
उत्तर: देशभर में एसआईपी में विभिन्न कंपनियों की कुल 1821 योजनाएं है। आप इनमें से अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। एसआईपी का निवेश बाजार के जोखिम के अधीन होता है। हालांकि माना जाता है कि यदि निवेश लंबी अवधि के लिए करेंगे तो जोखिम काफी सीमित रह जाता है। एसआईपी का लाभ है कि आप छोटी-छोटी पूंजी से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
प्रश्न: कौन सा म्यूचुअल फंड चुनना चाहिये, जिससे अच्छा रिटर्न मिल सके? -राहुल शर्मा, इंदौर
उत्तर: 45 कंपनियां म्यूचुअल फंड आफर कर रही हैं। इनमें अलग-अलग स्कीम है। जैसे लार्जकैप, मिडकैप और स्मालकैप व मिश्रित योजनाएं। आपने कौन सी कंपनी का कौन सा फंड चुना इस पर आपका रिटर्न निर्भर करता है। आमतौर पर स्मालकैप में बीते दिनों ज्यादा रिटर्न मिला है। हालांकि उसके साथ जोखिम भी बढ़ जाता है। जितना जोखिम लेंगे उतना ही अच्छा रिटर्न हासिल करने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रश्न: कहां निवेश करना अच्छा होगा, शेयर मार्केट में या म्यूचुअल फंड में, क्या फंड में फीस ज्यादा लगती है?
-अजय शर्मा, बड़वाह
उत्तर: शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड में निवेश करना आपकी पसंद पर निर्भर करता है। शेयर बाजार में बाजार की वृद्धि के साथ आपको रिटर्न मिलता है, लेकिन गिरावट के साथ नुकसान भी हो सकता है। उसमें पूरा जोखिम आपका होता है, इसलिए पूरा प्राफिट भी आपका। हालांकि म्यूचुअल फंड में जोखिम बंट जाता है। वहां फंड मैनेज करने वाले विशेषज्ञ मैनेजर होते हैं। वे फंड को बांटकर निवेश करते हैं, इसलिए जोखिम बंट जाता है। इसके बदले म्यूचुअल फंड कंपनियां 2 प्रतिशत से भी कम फीस लेती है। साथ ही यह है कि आप छोटी पूंजी से निवेश कर सकते हैं। और अलग-अलग कंपनियों में वह पैसा निवेश हो सकता है।