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'ड्राइवर और व्यापारियों से ड्रग्स मंगवाता था नाना पटवारी', थाने बदल-बदल कर पूछताछ करती रही पुलिस

पीसीसी अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू पटवारी का भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी सालों से ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और सेवन में लिप्त है। उसने ड्राइवर और व्यापारी...और पढ़ें

By Mukesh MangalEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 10:45:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 07:20:50 AM (IST)
'ड्राइवर और व्यापारियों से ड्रग्स मंगवाता था नाना पटवारी', थाने बदल-बदल कर पूछताछ करती रही पुलिस
'ड्राइवर और व्यापारियों से ड्रग्स मंगवाता था नाना पटवारी'

HighLights

  1. नाना पटवारी की ड्रग्स कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस, सीडीआर से खुलेगा राज
  2. पूछताछ के लिए बार-बार बदले गए थाने, पैडलर्स से कराया आमना-सामना
  3. गोगो चैट और खुशी सुसाइड केस जैसी पुरानी फाइलें दोबारा खंगाल रही पुलिस

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पीसीसी अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू पटवारी का भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी सालों से ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और सेवन में लिप्त है। उसने ड्राइवर और व्यापारी वर्ग के युवकों को पैडलर के रूप में तैयार कर लिया था। नशे के लिए फार्म हाउस और होटलों को ठिकाना बना चुका था। पुलिस अब उसकी कॉल डिटेल से कुंडली खंगाल रही है।

बार-बार बदले गए थाने, रात 9 बजे डीसीपी के सामने पैडलर्स से कराया आमना-सामना

बिजलपुर निवासी नाना पटवारी को पुलिस ने दिनभर गुप्त स्थान पर रखा। कांग्रेस नेताओं के सक्रिय होने पर तेजाजी नगर, राजेंद्र नगर और राऊ की टीमें बनाईं और बार-बार थाने बदल कर पूछताछ की गई। रात करीब 9 बजे नाना को पुलिस कस्टडी में राजेंद्र नगर थाने ले गई और डीसीपी नरेंद्र सिंह के समक्ष पेश किया। इस दौरान उसका आरोपित इरफान उर्फ गोलू और संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई से सामना करवाया गया। नई बस्ती (राऊ) निवासी गोलू पटाखा व्यापारी है और नाना के लिए ड्रग्स की व्यवस्था भी करता है। उसका साथी संजय उर्फ रॉनी भाई कृष्णा कालोनी (राजेंद्र नगर) में रहता है और कार वॉशिंग सेंटर संचालित करता है।


बुधवार रात ही मांगी थी डिलीवरी, पुराने ड्राइवर के जरिए दलालों से हुआ था संपर्क

आरोपितों ने बताया कि नाना ने बुधवार शाम ड्रग्स (ब्राउन शुगर) की डिमांड की थी। वह रात में ही डिलीवरी मांग रहा था। गोलू ने नाना के पुराने ड्राइवर भुरु बैंड से बात की और बताया कि भैया (नाना) ने माल (ड्रग्स) मंगवाया है। गोलू और रॉनी ने पांच-पांच ग्राम ड्रग्स खरीदी और डिलीवरी देने पहुंच गए। पुलिस ने दोनों को डी-मार्ट के सामने से कार (एमपी 09एआर 0058) में पकड़ा तो प्रारंभिक पूछताछ में ही नाना व मानव गंगवानी का नाम बता दिया। पुलिस ने नाना के मोबाइल की टावर लोकेशन निकाली और सनसाइन फार्म हाउस के समीप से पकड़ लिया। उस वक्त मानव गंगवानी नाना के साथ में ही था।

उधर जीतू पटवारी के दूसरे भाई भरत ने वकील जय हार्डिया के माध्यम से एक आवेदन भिजवाया और बताया कि नाना सुबह 10 बजे से लापता है। उसकी कार फार्म हाउस के सामने लावारिस अवस्था में मिली है। जय के अनुसार, आवेदन देने पर पुलिस ने हिरासत में लेने की जानकारी दी।

छह साल पूर्व सेंधवा के गोगो के मोबाइल में मिले थे सबूत, तब टल गई थी गिरफ्तारी

नाना पटवारी के विरुद्ध पुलिस को छह साल पूर्व ही पुख्ता सबूत मिल चुके थे। विजय नगर के तत्कालीन टीआइ तहजीब काजी ने उस वक्त सेंधवा के गुंडे सोहन उर्फ गोगो को पकड़ा तो उसके मोबाइल में चैटिंग और फोटो मिल गए। गोगो ने नाना का नाम कबूला लेकिन टीआइ ने नाना की गिरफ्तारी रोक ली। कोर्ट में प्रस्तुत चालान और मेमो में नाना का नाम दर्ज है। पुलिस इस मामले को भी खंगाल रही है। नाना के मोबाइल की काल डिटेल निकाली गई है। मानव के बारे में बताया गया कि वह युवतियों के संपर्क में रहता है।

यह भी पढ़ें- इंदौर के फार्म हाउसों में 'ब्राउन शुगर' वाली रेव पार्टी की थी तैयारी? भाई की गिरफ्तारी पर भड़के जीतू पटवारी

पार्लर संचालिका और खुशी कुलवाल आत्महत्या कांड: रसूख के चलते फाइलों में बंद हुए थे केस

कुछ साल पूर्व तिलक नगर क्षेत्र में ड्रग्स के नशे में हाथ की नस काट ली थी। उस वक्त भी नाना का नाम उछला लेकिन रसूख के कारण दबा दिया गया। इसके बाद खुशी कुलवाल आत्महत्या कांड में नाना और उसके साथी राहुल का नाम सामने आया लेकिन इस केस को भी फाइलों में बंद कर दिया।