
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। तीन इमली बस स्टैंड के डी नोटिफाइड होने के बाद मंगलवार से सभी बसें नौलखा बस स्टैंड से चलीं। तीन साल बाद बसें चलने से यहां के दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। वहीं बस संचालक भी खुशी में नाच उठे।
तीन साल पहले सिंहस्थ के कारण यात्रियों के ज्यादा दबाव को देखते हुए प्रशासन ने नौलखा स्टैंड से बसों का संचालन बंद कर तीन इमली बस स्टैंड पर शिफ्ट कर दिया था। पहले इसे अस्थाई बस स्टैंड बनाया गया था, लेकिन बाद में अधिसूचित कर दिया गया। इसे लेकर बस संचालक कोर्ट चले गए थे। इधर अब तीन इमली बस स्टैंड को डी नोटिफाइड कर दिया गया है। सोमवार शाम नौलखा स्टैंड से तीन बसें चलने के बाद मंगलवार सुबह से सभी बसें चलना शुरू हुईं।
सुबह 6 बजे सबसे पहली बस हरदा के लिए रवाना हुई। यहां दुकानदारों में खुशी का माहौल है। इधर, सुबह बस संचालकों ने भी यहां से बसें चलने से खुश होकर ढोल बजवाकर डांस भी किया। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा के मुताबिक, यहां से बस संचालन की अनुमति मिलने के बाद हम लोग खुश हैं। हम तीन साल से इसकी मांग कर रहे थे। अब यात्रियों को सहूलियत हो जाएगी। तीन इमली बस स्टैंड काफी दूर पड़ता था।
फिर लगने लगा जाम
इधर. नौलखा स्टैंड से बसों के संचालन से एक बार फिर ट्रैफिक की समस्या शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक, यहां बसों के करीब 300 फेरे होंगे। हालांकि बसों की एंट्री एक साइड से होगी और एग्जिट दूसरे साइड से। लेकिन इतने वाहनों के आने से पीक अवर्स में बीआरटीएस पर जाम लगने लगा था। ट्रैफिक जानकारों के मुताबिक, यहां से बसों के संचालन से जाम लगना तय है।
भंवरकुआं की तरफ से आने वाली बसें अगर नौलखा चौराहे से प्रकाश नगर के यहां से टर्न लेकर अंदर प्रवेश करेगी तो भी जाम लगेगा। क्योंकि यहां भारी वाहनों का प्रवेश दिनभर होता है। ये वाहन लोहा मंडी की तरफ जाते हैं। वापसी में बसें बीआरटीएस से होकर जाती हैं तो टर्न लेने में इंदिरा प्रतिमा के यहां जाम लग सकता है। इसके अलावा ऑटो से भी स्थिति बिगड़ सकती है।
पुलिस की मदद लेंगे
बसें आने के बाद स्थिति कुछ बिगड़ सकती है। हम इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए कहेंगे। जिससे शाम के समय दो जवान खड़े होकर व्यवस्था संभाल लें। हालांकि हम खुद ही यह प्रयास करेंगे की जाम न लगे। - गोविंद शर्मा, अध्यक्ष प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन