शक्ति रूपेण संस्थिता : तंत्र विद्या के लिए विशेष काली कुल की चौसठ योगिनी का होता पूजन
Navratri 2022: तंत्र विद्या के लिए विशेष काली कुल की चौसठ योगिनी का होता पूजन - चैत्र व शारदीय नवरात्र में लगता भक्तों का मेला, आषाढ मास में हर दिन अलग-अलग समाज के शोभायात्रा के रूप मे पहुंचते है।
By Prashant Pandey
Edited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 25 Sep 2022 10:35:37 PM (IST)
Updated Date: Mon, 26 Sep 2022 08:34:05 AM (IST)

Navratri 2022: इंदौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर शहर में कई ऐसे माता मंदिर है जिन्हें लेकर शहर के माता भक्तों में विशेष आस्था है। ऐसा ही एक स्थान राजकुमार ब्रिज के नीचे स्थित चौसठ योगिनी माता मंदिर है।101 वर्षों से महाकाली, महालक्षमी और माता सरस्वती के साथ यहां चौसठ योगनियों के दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवतर जारी है। इस स्थान पर वर्ष में दो बार चैत्र और शारदीय नवरात्र में भक्तों का मेला लगता है। इसके अतिरिक्त आषाढ के महीने में भी प्रतिदिन विशेष पूजन होता है।
इसके लिए अलग-अलग समाज के लोग चल शोभायात्रा के रूप पहुंचते हैं। मंदिर रेलवे स्टेशन के पास कुछ कदमों की दूरी पर है। इस परिसर में शिव परिवार, हनुमानजी, रिद्धि-सिद्धि व गणेश, भैरव और मोतीबाबा के मंदिर है। भगवान बिल्वेश्वर महादेव व बड़केश्वर महादेव के रूप में दो लिंग भी स्थापित है।
माता के साथ अलग-अलग दिनों अलग देवी-देवताओं के विशेष पूजन अवसर पर भक्तों की कतार लगती है। मंदिर में रविवार, मंगलवार, शुक्रवार, पूर्णिमा और अमावस्या में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। पुजारी राजेंद्र आवाले बताते है कि चौसठ योगिनी का संबंध काली कुल से है। काली के ही भिन्न-भिन्न अवतारी अशं है। इन सभी की आराधना का तंत्र और योग विद्या में विशेष महत्व है।