
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Sports Stadium Indore। शहर को जल्दी ही नए स्टेडियम की सौगात मिल सकती है। आइडीए सुपर कारिडोर पर खुद स्टेडियम बनाने के बजाय जमीन बेचेगा। इसकी प्रक्रिया टेंडर के माध्यम से होगी। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन भी स्टेडियम के लिए जमीन चाहता है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के मापदंडो के हिसाब से जमीन मिली तो एमपीसीए इसे खरीदेन में दिलचस्पी दिखाएगा।
अभी शहर में क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मैच होलकर स्टेडियम में खेले जाते हैं। इस स्टेडियम का निर्माण एमपीसीए ने कराया है, लेकिन दर्शक संख्या और पार्किंग व अन्य सुविधाअों के हिसाब से स्टेडियम छोटा साबित होता है, इसलिए आठ साल पहले एमपीसीए के तत्कालीन अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आइडीए से स्टेडियम के लिए जमीन मांगी थी। इस बारे में शासन को भी पत्र लिखा गया था। तब आइडीए ने इस बारे में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ली थी, क्योंकि आइडीए के पास जमीन मालिकों से स्टेडियम के लिए पूरी जमीन भी प्राप्त नहीं हुई थी।
दो स्कीमों में 13 हेक्टेयर जमीन
स्टेडियम के लिए आइडीए की स्कीम- 151 और स्कीम- 169-बी के अंतर्गत 13 हेक्टेयर जमीन है। यह क्रिकेट के अलावा टेबल टेनिस, बैडमिंटन व अन्य गतिविधियां भी हो सकेगी। मास्टर प्लान में इस जमीन का भूउपयोग भी खेल गतिविधियां के रुप में दर्शाया गया है, इसलिए यहां अन्य निर्माण भी नहीं हो सकते है।
खराब पिच के कारण मैच रद हुआ था
शहर में पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैच नेहरू स्टेडियम में खेले जाते थे, लेकिन 25 दिसंबर 1997 को खराब पिच के कारण भारत और श्रीलंका के बीच मैच रद करना पड़ा था। इसके बाद एमपीसीए ने नए स्टेडियम के निर्माण की कवायद शुरू कर दी थी, हालांकि 2001 में नेहरू स्टेडियम में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच मैच हुआ था। उस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 10 हजार रन पूरे किए थे। इसके बाद के मैच होलकर स्टेडियम में खेले जाने लगे। उस स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता 35 हजार से ज्यादा नहीं है, इसलिए शहर को नए स्टेडियम की जरुरत है। एमपीसीसी के सीईअो रोहित पंडित के अनुसार हमने पहले स्टेडियम के लिए जमीन मांगी थी। यंदि आइडीए सुपर कारिडोर पर स्टेडियम के लिए टेंडर जारी करता है तो हम उसमें भाग ले सकते है। जमीन का आकार स्टेडियम के मापदंडों के अनुसार होना चाहिए।
जमीन बेचेंगे
कारिडोर पर 13 हेक्टेयर जमीन स्टेडियम के लिए चिन्हित है। वहां हम स्टेडियम का निर्माण नहीं करेंगे, बल्कि उसे बेचा जाएगा। स्टेडियम के लिए कुछ जमीन स्कीमों में हमारे पास है। -विवेक श्रोत्रिय, आइडीए सीइअो