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इंदौर की सड़क पर काम नहीं दिख रहा, एमपी हाई कोर्ट ने ट्रैफिक व्यवस्था पर लगाई फटकार

Indore Traffic Management: कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर क्या किया? जबकि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि शहरों में इनकी एंट्री नहीं होना चाहिए।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 11:46:13 AM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 11:55:22 AM (IST)
इंदौर की सड़क पर काम नहीं दिख रहा, एमपी हाई कोर्ट ने ट्रैफिक व्यवस्था पर लगाई फटकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ। - फाइल फोटो

HighLights

  1. इंदौर में ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चालान बनाने में व्यस्त
  2. हूटर वाली गाड़ियां हाई कोर्ट के सामने तक दौड़ रहीं
  3. अधिकारी हर बार हवाई दावों से भ्रमित करते रहते हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर का ट्रैफिक बदहाल है। बिना नंबर प्लेट और गलत नंबर वाली गाड़ियां बेखौफ दौड़ रही हैं। पुलिस सिर्फ ड्रिंक एंड ड्राइव के चालान बनाने में व्यस्त है। बीते महीनों में हूटर और सायरन लगी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के कोर्ट के निर्देश का पालन तक नहीं हुआ है।

इंदौर के बिगड़े ट्रैफिक से परेशान नागरिकों की याचिका पर वकील ने बहस करते हुए कोर्ट में यह तथ्य रखे। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हम भी महसूस कर रहे हैं कि सड़कों पर कोई काम और ट्रैफिक की स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।


कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सड़कों पर गलत नंबर प्लेट, हूटर और बिना नंबर वाली गाड़ियां नजर आ रही हैं। हाई कोर्ट के सामने तक ऐसी गाड़ियां हम देखते हैं। चालान बनाने से कुछ नहीं होता। लगातार ट्रैफिक जाम लग रहा है। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर क्या किया? जबकि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि शहरों में इनकी एंट्री नहीं होना चाहिए।

ट्रैफिक को लेकर लगी हैं आधा दर्जन याचिकाएं

शहर में ट्रैफिक की बदहाली पर करीब आधा दर्जन याचिकाएं लगी हैं। मंगलवार को पूर्व पार्षद महेश गर्ग की याचिका पर अधिवक्ता मनीष यादव ने कोर्ट में तथ्य रखे। अधिवक्ता ने कहा कि न्यायालय ने बीते दिनों ट्रैफिक पर अलग-अलग निर्देश दिए थे। उसका भी गंभीरता से पालन नहीं हुआ। कभी एआई तकनीक तो कभी ड्रोन के इस्तेमाल जैसे नए-नए प्रयोगों की बात कहकर अधिकारी हर बार हवाई दावों से भ्रमित करते रहते हैं।

स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है

न्यायालय ने आदेश दिया था कि शहर में कितने सीसीटीवी लगे हैं और कितने जवान तैनात हैं, इसकी जानकारी शपथ-पत्र पर दी जाए। इसके बाद शासन की ओर से कोर्ट में जवाब दिया गया कि पुलिस ने 660 चौराहों पर सीसीटीवी लगा रखे हैं। सभी चौराहों पर जवानों की तैनाती भी की गई है।

अधिवक्ता यादव और अनस मकरानी ने कहा कि प्रशासन जमीन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है और स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस पर कोर्ट ने 28 सितंबर वाले सप्ताह में अगली सुनवाई नियत करते हुए प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगा है और यह भी पूछा है कि बीते निर्देशों पर क्या कार्रवाई हुई है, वह भी विस्तार से जवाब बनाकर प्रस्तुत करें।

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