• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने के लिए पार्किंग के भी करना होंगे इंतजाम, इंदौर में तेजी से बढ़ रही है फुटपाथ पर अतिक्रमण की समस्या

निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण सामग्री फुटपाथ पर पटक दी जाती है। इस कारण दुर्घटनाएं होती है, साथ ही पैदल चलने वाले पार्किंग का उपयोग नहीं कर पाते। ...और पढ़ें

By bharat mandhanyaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 12:37:34 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 12:37:34 PM (IST)
फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने के लिए पार्किंग के भी करना होंगे इंतजाम, इंदौर में तेजी से बढ़ रही है फुटपाथ पर अतिक्रमण की समस्या
इंदौर में अतिक्रमण और एसीपी, यातायात हिंदू सिंह मुवेल। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. कई वाहन चालक पार्किंग न होने पर फुटपाथ पर वाहन पार्क कर देते हैं
  2. साथ कई दुकानदारों ने भी फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखा है
  3. निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण सामग्री फुटपाथ पर पटक दी जाती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर का जिस तेजी से विकास हो रहा है, उतनी ही तेजी से फुटपाथ पर अतिक्रमण की समस्या बढ़ रही है। कई वाहन चालक पार्किंग न होने पर फुटपाथ पर वाहन पार्क कर देते हैं। साथ कई दुकानदारों ने भी फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखा है।

निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण सामग्री फुटपाथ पर पटक दी जाती है। इस कारण दुर्घटनाएं होती है, साथ ही पैदल चलने वाले पार्किंग का उपयोग नहीं कर पाते। फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण शहर की छवि भी खराब होती है। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए यातायात विभाग रोजाना करीब सौ चालान बना रहा है। यह बातें यातायात एसीपी हिंदू सिंह मुवेल ने नईदुनिया विमर्श कार्यक्रम में सोमवार को फुटपाथ कब होगा हमारा? सड़क से कोर्ट तक पहुंचने के बाद भी क्यों नहीं मिल रही आम आदमी को राहत विषय पर कहीं।


हिंदू सिंह मुवेल ने कहा कि जिस हिसाब से शहर बढ़ रहा है। उसकी तुलना में यातायात का अमला भी कम पड़ता नजर आता है, लेकिन हमारा प्रयास है कि हम ऐसे फुटपाथ जहां पैदल चलने वालों की संख्या अधिक है, उन्हें चिन्हित करते हैं और यहां वाहन पार्किंग पर होने पर चालानी कार्रवाई की जाती है। इसके लिए हमारे पास शहर में लगभग आठ ऐसे वाहन भी हैं जो दो पहिया उठाते हैं और लगभग चार ऐसी क्रेन है जो फोर व्हीलर को टो करती है। शहर में जवानों की संख्या भर्ती के बाद बढ़ सकती है। इसके लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया है। हालांकि, इसकी भी एक प्रक्रिया है, तो उम्मीद है कि नई भर्ती के बाद शहर के बल में बढ़ोतरी होगी।यातायात प्रबंधन के लिए हम स्काउट गाइड और एनसीसी कैडेट्स की मदद लेते हैं।

पार्किंग न होना भी बड़ी समस्या

शहर में फुटपाथ पर कब्जे की समस्या का एक बड़ा कारण शहर में पर्याप्त पार्किंग स्पेस न होना भी है। शहर की महत्वपूर्ण रोड, जैसे गिटार चौराहा से लेकर आनंद नगर चौराहे की। यहां रोड बहुत चौड़ी है और सुंदर भी है, लेकिन इसे बनाने के दौरान पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई। इस क्षेत्र में बड़ा मार्केट है और बड़ी संख्या में वाहन चालकों का आवागमन होता है, लेकिन कहीं पार्किंग नहीं होने के कारण लोग वाहनों को फुटपाथ पर पार्क कर देते हैं। ऐसे में शहर के महत्वपूर्ण रोड पर नगर निगम को पार्किंग स्पेस अवेलेबल कराना चाहिए। हम उन लोगाें के खिलाफ भी चालानी कार्रवाई करते हैं, जिनके घर में पार्किंग है, लेकिन वे फुटपाथ पर वाहन पार्क करते हैं। बीआरटीएस टूटने के बाद उनके स्टाप बनाने के लिए यातायात विभाग ने सुझाव दिए थे और उन्हीं सुझावाें के आधार पर चौराहे क सौ मीटर आगे स्टाप बनाया गया है।

फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करवाने से पूर्व कई दूसरे कार्य भी करना होंगे। इसमें प्रमुख है पार्किंग स्पेस उपलब्ध करवाना। इसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं। पार्किंग न होने पर जब फुटपाथ पर वाहन होने के पर यातायात विभाग कार्रवाई करता है तो विवाद की स्थिति भी बनती है। ऐसे में हमनें कई स्थान चिन्हित कर नगर निगम को लाेकेशन भी दी है कि वहां पार्किंग स्पेस होना चाहिए। हालांकि, इंदौर को यातायात में बेहतर बनाने की जिम्मेदारी विभाग के साथ यहां के लोगों की भी है। इंदौर स्वच्छता में नंबर वन शहरवासियों के प्रयासों से ही आ पाया था। यदि लोग इस दिशा में भी सोचेंगे, तो इंदौर ट्रैफिक के मामले में भी बेहतर कार्य करेगा।

ई-रिक्शा के लिए शहर को चार जोन में बांटा

शहर में करीब 11 हजार ई-रिक्शा है। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। हमनें ई-रिक्शा के कारण होने वाली ट्रैफिक समस्याओं को देखते हुए शहर को आठ जोन में बांटने का फैसला किया। उसके बाद ई-रिक्शा से जुड़ी एसोसिएशन के साथ बैठक की और उनके सुझाव पर शहर को चार जोन में बांटा गया है। ताकि किसी एक रोड पर शहर के सभी ई-रिक्शा का दबाव न हो। फिलहाल जिन ई-रिक्शा को चार जोन में बांटा गया है, उन्हें जोन के अनुसार कलर किया जा रहा है। अब हम कार्रवाई शुरू करेंगे, जिसमें नाबालिकों के ई-रिक्शा चलाने और रोड के बीच में सवारी बैठाने वाले चालकों पर कार्रवाई करेंगे।

इंदौर: ये फुटपाथ हमारा तो है, लेकिन मनुष्यों के चलने के लिए नहीं, क्योंकि यहां खड़े होते हैं पुतले