केंद्र के बजट के इंतजार में धीमी गति से चल रही पीएम ई-बस सेवा, इंदौर में पांच माह से डिपों में खड़ी 30 बसें
केंद्र सरकार से फंड के इंतजार में इंदौर शहर को मिली पीएम ई-बस सेवा धीमी गति से चल रही है। पांच माह पहले 40 बसे इंदौर आई थी, इनमें से 30 अब भी डिपो में...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 09:26:42 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 09:26:42 AM (IST)
दिव्यांग यात्रियों के लिए स्पेशल डोर। व्हील चेयर के साथ ही बस में चढ़ सकेंगे दिव्यांगजन। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- एआईसीटीएसएल को यूएडीटी से नहीं मिली 15 करोड़ रुपये की राशि
- एआईसीटीएसएस प्रबंधन अभी तक एक रुट सेमलिया चाऊ, कनाड़िया से राऊ रंगवासा के बीच 10 बसें ही चला पाया है
- केंद्र सरकार के अर्बन एडमिशट्रेशन डेवलमेंट डिपार्टमेंट (यूएडीटी ) विभाग द्वारा दिए जा रहे फंड के माध्यम से इन बसों का संचालन होना है
उदय प्रताप सिंह, नईदुनिया, इंदौर। केंद्र सरकार से फंड के इंतजार में इंदौर शहर को मिली पीएम ई-बस सेवा धीमी गति से चल रही है। पांच माह पहले 40 बसे इंदौर आई थी, इनमें से 30 अब भी डिपो में खड़ी है। एआईसीटीएसएस प्रबंधन अभी तक एक रुट सेमलिया चाऊ, कनाड़िया से राऊ रंगवासा के बीच 10 बसें ही चला पाया है। केंद्र सरकार के अर्बन एडमिशट्रेशन डेवलमेंट डिपार्टमेंट (यूएडीटी ) विभाग द्वारा दिए जा रहे फंड के माध्यम से इन बसों का संचालन होना है।
एआईसीटीएसएल ने पांच माह पहले डिपो के निर्माण 15 करोड़ की राशि की मांग की है लेकिन अभी तक यह राशि नहीं मिली। वही बस संचालन के लिए आपरेटर को दिए जाने वाले प्राइज रुपए 58 रुपये प्रति किमी की राशि के लिए भी पत्र लिखा गया लेकिन यह राशि भी अभी तक नहीं मिली है। इस वजह है डिपो का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है और बस का संचालन भी अभी थमा हुआ है।
स्थिति यह है कि निर्माण कार्य की आउट स्टैंडिंग ही 10 करोड़ की हो चुकी है लेकिन भुगतान न होने से काम अटका हुआ है। वही मप्र के परिवहन विभाग के अंतगर्त एमपी यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लि. को इन बसों के रूट तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहां से भी अभी तक एजेंसी व रूट तय नहीं किया जा सका है। इस वजह से नायता मूंडला डिपो में बसें खड़ी हे।
नायता मूंडला ई-बस डिपो तैयारियां है अभी अधूरी
- चार्जिंग स्टेशन पर अब लग रहे शेड : नायता मूंडला में 18 चार्जिंग स्टेशन बनाए है। इसमें से 10 आपेरशन है। चार्जिंग स्टेशन की मशीनें लग गई है लेकिन इन्हें वर्षा से बचाने के लिए अब शेड लगाने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक बस चार्जिंग मशीनों को पानी से बचाने के लिए ढंककर रखा गया है।
मेंटेनेस, वाशिंग यार्ड व प्रशासनिक भवन अूधरा : अभी तक नायता मूंडला पर मेंटनेस व वाशिंग यार्ड तैयार नहीं हुआ है। प्रशासनिक भवन की इमारत भी निर्माणाधीन है।
देवास नाका डिपो: यह अभी निर्माणाधीन ही है। इसे तैयार होने में समय लगेगा। एचटी विद्युत कनेक्शन मिलना बाकी है। इस वजह से चार्जिंग स्टेशन नहीं लग पा रहे। पीएम ई-बस सेवा : एक नजर
- 150 बसें इंदौर में चलाने की है योजना
- 40 बसें ही अभी आई
- 10 बसों का हो रहा संचालन
- 110 बसे : नायता मूंडला डिपो से चलाने की है योजना
- 40 बसे : देवासा नाका डिपो से चलाने की योजना
पीएम ई-बस की ये है खूबियां
- 25 सीटर
- सात कैमरे बस की सुरक्षा के लिए
- दोनों गेट बंद होने पर ही बस चालू होगी
- गेट पर लगे कैमरे यात्रियों की काउंटिंग भी करेंगे
- ड्रायवर पर भी कैमरे से रहेगी निगरानी
- बस में पैसेंजर अलार्मिंग सिस्टम। यात्री सीट पर बैठे हुए बस रूकवाने के लिए सूचित कर सकेगा।
- एयर सस्पेंशन है। स्पीड ब्रेकर या गड्ढों पर नहीं लगेगे दचके
सबसे खास : पहली बार शहर की किसी बस में मिली सुविधा
- दिव्यांग यात्रियों के लिए स्पेशल डोर। व्हील चेयर के साथ ही बस में चढ़ सकेंगे दिव्यांगजन।
फंड न मिलने के कारण डिपो निर्माण कार्य है अधूरा
अर्बन एडमिशट्रेशन डेवलमेंट डिपार्टमेंट से फंड नहीं मिलने के कारण डिपो के कार्य पूरे नहीं हो सके है। इस वजह से अभी बसों का संचालन पूर्ण रुप से नहीं हो पा रहा है। ट्रायल के तौर पर हमने अभी 10 बसों का संचालन शुरू किया है। बसों के रुट तय हो चुके है। -अर्थ जैन, सीईओ, एआईसीटीएसएल
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