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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लड़कों जैसे रहने वाली शहडोल की पूजा भारतीय महिला टीम में

द. अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की तेज गेंदबाज पूजा वस्त्राकार को शामिल किया गया है।

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Publish Date: Thu, 11 Jan 2018 12:34:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jan 2018 12:48:17 PM (IST)
लड़कों जैसे रहने वाली शहडोल की पूजा भारतीय महिला टीम में

गजेंद्र नागर इंदौर। द. अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की तेज गेंदबाज पूजा वस्त्राकार को शामिल किया गया है। हालांकि विश्व कप खेली सिंगरौली (मप्र) की निवासी नुजहत परवीन को टीम में जगह नहीं मिली है। टीम की कमान मिताली राज संभालेंगी। शहडोल की पूजा ने हाल ही में समाप्त हुई चैलेंजर ट्रॉफी में अपनी तूफानी गेंदों से सभी को प्रभावित किया था। नुजहत का भी बतौर विकेटकीपर प्रदर्शन अच्छा रहा था, लेकिन रन नहीं बना सकीं।

डरा हुआ था परिवार

पूजा ने बताया, 'हर बार टीम में चयन से ठीक पहले मैं चोटिल हो जाती थी, इसलिए इस बार मेरी बहनों से मन्नात मांगी थी। दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मुझे कमर दर्द की समस्या हुई, फिर पिछले साल विश्व कप से पहले घुटने की सर्जरी हो गई। इस बार भी चैलेंजर ट्रॉफी में अंगूठे में चोट लगी तो पूरा परिवार घबरा गया। जैसे ही चयन की खबर लगी, सभी सीधे मंदिर पहुंचे। 5 बहन और 2 भाइयों के बीच पूजा सबसे छोटी हैं।


कभी लड़कियों के कपड़े नहीं पहने

पूजा बॉय कट हेयर स्टाइल और भारी आवाज के चलते लड़कों सी नजर आती हैं। चर्चा करने पर कहने लगीं, 'मैं शुरू से ऐसे ही रहती हूं। दीवाली पर पापा कपड़े दिलवाते थे तो भी कभी लड़कियों की ड्रेस नहीं खरीदी। मुझे उन कपड़ों में सहज नहीं लगता। जब मैं क्रिकेट खेलने लगी तो मैंने अपने बाल भी लड़कों जैसे कटा लिए।

लड़कों की टीम में अकेली लड़की

पूजा ने बताया मैं कॉलोनी में लड़कों के साथ खेलती थी। फिर हम स्टेडियम जाने लगे। यहीं शहडोल संभाग के प्रशिक्षकों की नजर पड़ी और उन्होंने मुझे खेलने का मौका दिया। संभाग के सचिव अजय द्विवेदी सर ने बहुत मदद की। शुरू में करीब दो साल तक अकादमी में मैं अकेली लड़की थी। मैं लड़कों की टीम से 'ए" ग्रेड मैच खेलती हूं। पूर्व क्रिकेटर चित्रा बाजपेयी ने भी शुरुआत में मेरी काफी मदद की।

दिनभर देखती रही वेबसाइट

पूजा ने कहा- मुझे पता था बुधवार को टीम चुनी जाएगी, इसलिए सुबह से बार-बार बीसीसीआई की वेबसाइट देख रही थी। मोबाइल पर देखा तो फ्रेंड का बधाई संदेश था।