इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जय श्रीराम के जयघोष के बीच बायपास से लगे ग्राम झालरिया में दो एकड़ में नवनिर्मित अवध धाम में रविवार को जानकी और भ्राता लक्षमण संग प्रभु राम विराजे। अवसर था जयपुर से लाई गई संगमरमर की पांच क्विंटल वजनी राम-लक्षमण, सीता, लक्षमी-नारायण और शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का। मंदिर परिसर में इस दौरान यज्ञ में आहुतियां दी जा रही थीं। बड़ी संख्या में मौजूद भक्त प्रतिष्ठित मूर्तियों के दर्शन के लिए कतार में लगे हुए थे।
प्रतिष्ठा आचार्य गोपाल प्रसाद बिल्लोरे व महंत मुनिश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में की गई। आयोजन समिति के शंकरसिंह पटेल व लक्षमणसिंह सिसौदिया ने बताया कि एक करोड़ रुपये की राशि से मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से किया गया है। इस अवसर पर 8 फरवरी से सात दिनी पंचकुंडीय यज्ञ व राम कथा हो रही है। इसमें आसपास के दस गांवों के लोगों ने भागीदारी की। यज्ञ की पूर्णाहुति 14 फरवरी को होगी। इस मौके पर भंडारा होगा। प्रतिष्ठा के अवसर पर सिद्धार्थ सिंह, कान्हा पटेल, लाखनसिंह सिसौदिया, भगवान सिंह, राजेंद्र सिंह परमार, सज्जन सिंह सिसौदिया उपस्थित थे।
निकली शोभायात्रा, समाजजन ने गाई संत रविदास की महिमा - मन चंगा तो कठौती में गंगा का संदेश देने वाले संत रविदास की संगमरमर की प्रतिमा की शोभायात्रा रविवार को संत रविदास मंदिर रुस्तम का बगीचा से निकाली गई। नगर अहिरवार समाज के तत्वावधान में निकली यात्रा में समाजजन ने संत की महिमा का गुणगान किया। यात्रा जगजीवनराम नगर, एमआइजी, आंबेडकर नगर, जीणमाता मंदिर, मालवा मिल से होते हुए पुन: मंदिर पर समाप्त हुई। इसके बाद प्रतिमा की स्थापना की गई। 14 व 15 फरवरी को सुबह 6 से 8.30 और शाम 6 से 8.30 तक पूजन-महाआरती होगी। इसके बाद 16 फरवरी को संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण व सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।