Ragging in DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रवींद्रनाथ टैगोर हास्टल में रैगिंग की घटना सामने आने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आनन-फानन में बैठक बुलाई गई। रेक्टर डा. अशोक शर्मा ने हास्टल में शराबखोरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हास्टल में सीनियर छात्र किससे और कहां से शराब मंगवा रहे हैं और क्यों जूनियर छात्र इनकी मनमानी सहन कर रहे हैं। रेक्टर ने विश्वविद्यालय स्तरीय समिति (एंटी रैगिंग कमेटी) को जांच करने के अलावा इन बातों का भी पता लगाने के निर्देश दिए।

रेक्टर ने चीफ वार्डन डा. जीएल प्रजापति को आरएनटी हास्टल से जूनियर विद्यार्थियों को अन्य हास्टलों में शिफ्ट करने को कहा है। तक्षशिला परिसर स्थित चीफ वार्डन कार्यालय में विद्यार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सीनियर और जूनियर दोनों से अलग-अलग बयान दर्ज किए जाएंगे। रिपोर्ट के बाद पूरा मामला अनुशासन समिति को भेजा जाएगा, जो दोषी छात्रों की सजा तय करेगी।

चीफ वार्डन से की थी शिकायत - चार दिन पहले चीफ वार्डन डा. प्रजापति को कुछ विद्यार्थियों ने आरएनटी हास्टल में रैगिंग को लेकर शिकायत की थी। 20 जूनियर छात्रों ने 23 सीनियर विद्यार्थियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रैगिंग लेने के लिए सीनियर शराब के नशे में दुर्व्यवहार करते हैं। सोमवार को रेक्टर डा. शर्मा ने बैठक बुलाई। कुलसचिव अनिल शर्मा, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डा. एलके त्रिपाठी, चीफ वार्डन और वार्डन बैठक में शामिल हुए। इस प्रकरण को लेकर एंटी रैगिंग कमेटी जांच करेगी। छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष डा. त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।

एक सेमेस्टर के लिए हो सकते हैं निष्कासित - एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट पर अनुशासन समिति चर्चा करेगी। इन्हें विद्यार्थियों की सजा तय करना है। सूत्रों के मुताबिक हास्टल से बाहर निकालने के अलावा एक सेमेस्टर के लिए निष्कासित भी किया जा सकता है। वरिष्ठ प्रोफेसर के मुताबिक विद्यार्थियों पर हास्टल में शराबखोरी के आरोप लगे हैं। वैसे भी विश्वविद्यालय और हास्टल परिसर में नशा करना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके हास्टल में शराब की बोतले मिली है। हास्टल प्रबंधक पर भी कार्रवाई हो सकती है।

कागजों पर निरीक्षण - रैगिंग कांड सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने हास्टल में औचक निरीक्षण के लिए तीन सदस्य कमेटी बनाई है, जिसे प्रत्येक हास्टल का निरीक्षण करना है। सूत्रों के मुताबिक इसके पहले भी इस तरह की समिति बनाई जा चुकी है। मगर कागजों पर ही निरीक्षण हो रहा है। अभी तक समिति के सदस्यों के सामने ऐसी कोई भी घटना सामने नहीं आई है। वरिष्ठ प्रोफेसर का कहना है कि तीन से चार दिन सदस्य हास्टल का दौरा करते हैं। उसके बाद एक भी सदस्य निरीक्षण में रुचि नहीं दिखाता है।

दोषी विद्यार्थियों पर होगी कार्रवाई - डीएवीवी के रेक्टर डा. अशोक शर्मा का कहना है कि रैगिंग की घटना के बाद समिति को जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी विद्यार्थियों पर कार्रवाई की जाएगी। एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है।

Posted By: Hemraj Yadav

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