उदयप्रतापसिंह.इंदौर। पीडब्ल्यूडी द्वारा ढाई वर्ष पहले बनी रेसीडेंसी कोठी में विशेष विश्राम गृह बनाने की योजना अब तक कागजों पर ही है। पूर्व में यहां सिर्फ 10 विशेष सुइट बनाए जाने की योजना थी लेकिन अब 18 वीआईपी सुइट बनाने की योजना बनाई गई है। रेसीडेंसी कोठी में पिछले ढाई साल से विश्राम गृह बनाने की सिर्फ योजना ही बनाई जा रही है। दरअसल, एक साल में इसे तैयार करने वाली एजेंसियां तो बदली ही हैं, नक्शे में भी बदलाव करना पड़ा है। कोठी में बना मौजूदा विश्राम गृह अपर्याप्त है। कई बार वीआईपी मूवमेंट के दौरान यहां जगह नहीं रहती। ऐसे खास अतिथियों को होटलों में ठहराना पड़ता है।
कोठी के विस्तार के प्रोजेक्ट में पहले 8 वीआईपी व 2 वीवीआईपी कमरे बनाने की योजना थी। योजना में बदलाव के बाद अब 6 करोड़ 71 लाख रुपए में 18 वीआईपी कमरे बनाना तय हुआ है। इसके लिए 30 अप्रैल को अफसरों ने प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के लिए राज्य शासन को भेजा है। अगले सप्ताह में भोपाल में स्थाई वित्त समिति के बैठक होना संभावित है। इस बैठक में इस प्रोजेक्ट स्वीकृत होने की संभावना जताई जा रही है।
15 महीने में तैयार होंगे कमरे
रेसीडेंसी कोठी परिसर में बनाए जाने वाले वीआईपी कमरे तैयार करने की योजना तो पूरी बना ली गई है। प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद दो महीने इसकी टेंडर प्रक्रिया में लगेंगे। पीआईयू के अफसरों का कहना है कि 15 महीने में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि अगले सप्ताह तक इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल भी जाती है तो टेंडर प्रक्रिया में दो महीने लगेंगे। फिर बारिश का सीजन शुरू होने के कारण निर्माण कार्य को प्रारंभ करना संभव नहीं होगा। इस वजह से बारिश के बाद ही रेसीडेंसी में वीआईपी कमरे तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में काम और आगे बढ़ता जाएगा।
सीएम व अफसर रुकते हैं यहां
आमतौर पर इंदौर आगमन पर मुख्यमंत्री व अन्य किसी मंत्री के रुकने की व्यवस्था रेसीडेंसी कोठी में ही की जाती है। इसके अलावा यहां कई विशिष्ठ मुद्दों पर प्रशासकीय बैठकें भी आयोजित की जाती रही हैं। शहर में आयोजित होने वाले बड़े राजनीतिक व अन्य कार्यक्रमों में ज्यादा संख्या में वीआईपी व वीवीआईपी आने पर भी यहां कई को ठहराया जाता है। मगर सबको ठहराना संभव नहीं होने के कारण पिछले कई वर्षों से यहां नए कमरे बनाए जाने की मांग होती आ रही है।
पीआईयू को मिली जिम्मेदारी
ढाई साल पहले रेसीडेंसी कोठी में तीन करोड़ रुपए की लागत से आठ वीआईपी व दो वीवीआईपी सुइट बनाने की योजना बनी थी। इसे बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई थी। इसके बाद 20 लाख रुपए से अधिक काम के लिए पीडब्ल्यूडी की पीआईयू यूनिट का गठन होने के कारण इसकी जिम्मेदारी अक्टूबर 2012 में पीआईयू को दी गई। इसके बाद इस प्रोजेक्ट का नक्शा बनाकर स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेजा गया। भोपाल में बैठे आला अफसरों इसके नक्शे में बदलाव किया गया। इस बदलाव के कारण यह प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हो पाया।
अतिथियों के लिए सिर्फ 9 कमरे
रेसीडेंसी कोठी में वीवीआईपी व वीआईपी के लिए फिलहाल 9 सूइट उपलब्ध हैं। इनमें से चार कमरे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति जैसे वीवीआईपी के लिए रिजर्व रहते हैं। इनके अलावा 5 अन्य सूइट में मंत्री, आईएएस अफसर जैसे वीआईपी लोगों को दिए जाते हैं। इंदौर शहर में वीआईपी व कई प्रमुख अतिथियों की आवाजाही पिछले वर्षों में काफी बढ़ी है। ऐसे में रेसीडेंसी में कई बार कमरे उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वीआईपी को भी होटलों में रुकवाना पड़ता है। मगर कई बार प्रोटोकाल की बाध्यता के कारण विशिष्ट लोगों को होटलों में भी नहीं रुकवाया जा सकता। इस वजह से प्रशासन को इन लोगों के रुकने की व्यवस्था करने में खासी दिक्कतें आती हैं।
रेसीडेंसी कोठी परिसर में 18 वीआईपी सुइट बनाना तय किया गया है। इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद हम टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसे 15 महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
-योगेन्द्र बागोले, डिविजनल प्रोजेक्ट इंजीनियर, पीआईयू