
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में विकास की गति देखना हो तो भावना नगर-पालदा नाका सड़क के काम को देखिए। चार साल पहले ड्रेनेज लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोदी गई थी। कुछ माह काम चला फिर ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चला गया। इसके बाद से सड़क जस की तस पड़ी है।
रहवासी अधूरी सड़क को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परेशान होकर शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वार्ड 75 से पार्षद कुणाल सोलंकी रहवासियों के साथ कीचड़ में धरने पर बैठ गए।
आठ घंटे धरने का असर यह हुआ कि शाम होते-होते सड़क का काम शुरू हो गया। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद कि दो दिन में सड़क आवागमन के लिए चालू कर दी जाएगी, शाम चार बजे धरना समाप्त हो गया।
सोलंकी ने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल से लोग परेशान हो रहे हैं। वर्षा होते ही पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीर भी परेशान होते रहते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।
इस सड़क को नगर निगम ने चार साल पहले ड्रेनेज लाइन बिछाने के नाम पर खोदा था, काम अब भी अधूरा है। यह सड़क वार्ड 75 और 77 के बीच आती है। अधूरे निर्माण के कारण आसपास के रहवासियों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सोलंकी ने बताया कि दोपहर बाद जोनल अधिकारी तन्मयसिंह चौहान मौके पर पहुंचे।उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि दो दिन में सड़क आवागमन के लिए खोल दी जाएगी। इसके कुछ देर बाद मौके पर सड़क का काम शुरू हो गया।