
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 134 वर्ष पुराने शहर के प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में प्राचार्य अनामिका जैन की मौत की खबर से सनसनी फैल गई। छात्र और स्टाफ ने आवश्यक सूचना का पत्र देखा तो धक से रह गए। स्टाफ ने डरते हुए प्राचार्य के मोबाइल पर कॉल लगाया तो उनकी आवाज सुनकर जान में जान आई। इस साजिश के पीछे कॉलेज के ही दो छात्रों का नाम सामने आया है।
भंवरकुआं पुलिस ने उनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोपित छात्र परीक्षा स्थगित करवाने की साजिश में थे। प्राचार्य का आरोप है कि छात्रों की इस हरकत से पूरे परिवार तनाव में आ गया था। पुलिस के मुताबिक होलकर विज्ञान महाविद्यालय में 15 एवं 16 अक्टूबर को सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई है। महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर संबंधित विभाग प्रोफेसर और विद्यार्थियों के लिए सूचना पत्र चस्पा करवाया गया था।
14 अक्टूबर को रात करीब 10 बजे छात्रों ने वॉट्सएप ग्रूप पर खबर फैला दी की प्राचार्य अनामिका जैन का आकस्मिक देहांत हो गया है। इस कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल पत्र महाविद्यालय के छात्रों, स्टाफ और प्रोफेसर के पास पहुंच गया। प्राचार्य के निधन की खबर सुनकर स्टाफ हतप्रभ रह गया। महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डा.नागेश डगावकर, डा.अर्पणा गधे और विद्यार्थी आलेख द्विवेदी ने घबराते हुए प्राचार्य को कॉल लगाया। प्राचार्य द्वारा फोन उठाने पर वॉट्सएप पर मिले पत्र और संदेश के बादे में बताया। प्राचार्य ने कहा वह ठीक है और अपने परिवार के साथ हैं।
प्राचार्य अनामिका अशोक जैन (विजयनगर) ने तत्काल भ्रामक सूचना का खंडन किया और मैसेज कर छात्रों को बताया कि परीक्षा स्थगित नहीं की गई है। छानबीन करने पर पता चला अफवाह के पीछे बीसीए (फाइनल) के छात्र हिमांशु जायसवाल और मयंक कछावा का हाथ है। छात्रों ने प्राचार्य के समक्ष कबूला कि वह सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा स्थगित करवाना चाहता था। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य ने थाना में शिकायत की और दोनों छात्रों के विरुद्ध केस दर्ज करवाया। प्राचार्य के मुताबिक छात्रों के इस कृत्य से उन्हें मानसिक प्रताड़ना हुई है। छात्रों ने कूट रचना कर कॉलेज के नाम से पत्र तैयार किया है। इस घटना से पूरा परिवार आहत हुआ है।