
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गुरुवार से नगर निगम के सफाई कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। बुधवार देर रात रेसीडेंसी कोठी पर हुई बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सफाई कामगार संघों के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि पदाधिकारियों ने उनसे कहा है कि वे हड़ताल में शामिल ही नहीं थे, लेकिन कुछ लोग कर्मचारियों को बलपूर्वक काम पर जाने से रोक रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा कि शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। सफाई कर्मचारियों ने शहर को देश में सबसे स्वच्छ बनाया है। बुधवार रात हुई बैठक में सभी सफाई कामगार संघों ने एकसुर में गुरुवार से सफाई व्यवस्था बहाल करने की बात दोहराई।
सोमवार से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सड़कों पर साफ नजर आने लगा था। देश के सबसे स्वच्छ शहर की सड़कें कचरे से अटा गई। जगह-जगह कचरे के ढेर भी लगे। नियमित सफाई के अभाव में सड़क किनारे लगे लिटरबिन भी कचरे से लबालब हो गए थे। हड़ताल को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई। बुधवार को कांग्रेस सफाईकर्मियों के समर्थन में उतर आई। कांग्रेस नेताओं ने कूड़े के ढेर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगा कर विरोध जताया। इसका वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद नगर निगम हरकत में आया।
निगम अधिकारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों को भेजकर कचरा उठवा दिया। घटना के बाद महापौर भार्गव ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे सफाईकर्मियों को उकसा रहे हैं। शहर की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। महापौर ने बताया कि उन्होंने शासन स्तर पर निराकृत की जाने वाली सफाईकर्मियों की मांगों को शासन को भेज दिया है। अंतिम निर्णय वहीं से होगा। महापौर ने दावा किया कि ज्यादातर सफाई मित्र काम पर लौट आए हैं। गुरुवार से शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। देर रात रेसीडेंसी कोठी पर हुई बैठक के बाद यही बात कलेक्टर और निगमायुक्त ने भी दोहराई।
सफाई कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर हैं। सोमवार को पहले दिन इसका असर कम दिखाई पड़ा था, लेकिन बुधवार को हालत ज्यादा खराब हो गए। कई क्षेत्रों में कचरे के ढेर दिखाई दिए। मंगलवार को नेहरू नगर क्षेत्र का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ था जिसमें बड़ी मात्रा में कचरा सड़क पर बिखरा दिख रहा था। इसके बहुप्रसारित होने के बाद बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों ने नेहरू नगर में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया। मशीनों की मदद से सड़कों की सफाई की गई।
कांग्रेस नेता गिरीश जोशी, विवेक खंडेलवाल और अन्य ने बुधवार को नेहरू नगर में कूड़े के ढेर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगा कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने महापौर एक काम करो, कचरे के ढेर में डूब मरो जैसे नारे भी लगाए। कांग्रेसियों ने कहा कि सफाई मित्रों की मांग सही है। शासन और नगर निगम उन्हें अनदेखा कर शहर को गंदगी के ढेर में डुबो रही है। तमाम क्षेत्र में लोग सफाई नहीं होने से परेशान दिख रहे हैं।
कांग्रेसियों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के घंटेभर बाद भी नेहरू नगर में जमा कूड़े का वह ढेर जिस पर महापौर के पोस्टर लगे थे उसे नगर निगम ने साफ करवा दिया। कांग्रेस नेता पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि महापौर, कलेक्टर और निगम कमिश्नर मिलकर स्वर्ग जैसे शहर को नर्क बना रहे हैं। शहर की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ साख भी खराब हो रही है। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सफाई कर्मचारियों की समान कार्य समान वेतन देने, नियमितीकरण के साथ स्वास्थ्यकर माहौल देने और दीपावली पर बोनस देने का भी समर्थन करती है।
इधर सफाईकर्मी विजय नगर स्थित आइडीए मैदान पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में पहुंच गए। उन्होंने सभास्थल पर जमकर हंगामा और नारेबाजी भी की। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने का प्रयास भी किया लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। बाद में वे बाहर रहकर ही नारेबाजी करते हुए जमीन पर बैठ गए। उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरने का प्रयास भी किया। महिला सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा की एक नेत्री ने उन्हें लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है।
सफाई कामगार संघों के पदाधिकारियों से चर्चा हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे गुरुवार से काम पर लौट आएंगे। - शिवम वर्मा, कलेक्टर