• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अक्षर के साथ एक और नर्सिंग कालेज में घपला, इंदौर में संस्थान बताकर किए एडमिशन, पढ़ा रहे पीथमपुर में

कई छात्राओं ने सुनवाई पीड़ा, लाखों रुपये फीस लेकर नहीं दी रसीद, प्रशासन ने नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों को भोपाल से इंदौर बुलाया।

By Hemraj YadavEdited By: Hemraj Yadav
Publish Date: Tue, 26 Apr 2022 07:40:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 26 Apr 2022 07:40:37 PM (IST)
अक्षर के साथ एक और नर्सिंग कालेज में घपला, इंदौर में संस्थान बताकर किए एडमिशन, पढ़ा रहे पीथमपुर में

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अक्षर स्कूल आफ नर्सिंग के साथ ही शहर के एक और नर्सिंग कालेज का घपला सामने आया है। प्रयागराज नर्सिंग कालेज के संचालकों ने सैकड़ों विद्यार्थियों को इंदौर में कालेज बताकर एडमिशन किए और अब कालेज धार जिले के पीथमपुर में एक निजी स्कूल के दो कमरों में लगाया जा रहा है। विद्यार्थियों से हजारों रुपये फीस लेने के बाद अब दोबारा फीस मांगी जा रही है। एडमिशन के समय ली गई फीस में क्लीनिकल की फीस शामिल थी, लेकिन अब क्लीनिकल और बस फीस अलग से मांगी जा रही है।

मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कई छात्राओं ने अपर कलेक्टर पवन जैन को प्रयागराज कालेज की यह शिकायत की। इसके अलावा अक्षर स्कूल आफ नर्सिंग के पीड़ित विद्यार्थी भी शिकायत लेकर पहुंचे थे। अपर कलेक्टर ने पीड़ित विद्यार्थियों की समस्या सुनने के बाद आश्वासन दिया कि नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों से भोपाल बात की है। उन्हें बुधवार को इंदौर ही बुलाया गया है। हम इंदौर में कलेक्टर कार्यालय में प्रशासन की निगरानी में ही विद्यार्थियों को उनकी मार्कशीट और रजिस्ट्रेशन दिलाएंगे। फीस भी प्रशासन की निगरानी में वापस कराए जाएगी।


15 दिन का कहा था, छह महीने हो गए - प्रयागराज नर्सिंग कालेज की पीड़ित छात्राओं मीरा जामोद, रोशनी मौर्य, अर्चना भार्गव आदि ने बताया कि किसी से 25 हजार, किसी से 50 हजार तो किसी से 55 हजार रुपये फीस ली जा चुकी है और अलग-अलग मद में और फीस मांग रहे हैं। छात्रा सपना किराड़े और किरण कवचे आदि ने बताया कि इंदौर के बंगाली चौराहे पर एक मकान के एक कमरे में कार्यालय खोलकर फीस जमा की गई। फीस जमा करते समय कहा था कि इंदौर में ही कालेज है, लेकिन बाद में कहा कि केवल 15 दिन के लिए पीथमपुर में कालेज लगेगा। इसके बाद इंदौर में कालेज लगेगा, लेकिन हमें वहां पढ़ते हुए चार-पांच महीने हो गए, अब तक इंदौर में कालेज का कोई ठिकाना नहीं है।

फीस लेते समय कहा- घरवालों को मत बताना - अक्षर स्कूल आफ नर्सिंग के भी कई विद्यार्थी एक बार फिर शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। पीड़ित विद्यार्थी लेखराम चौहान, भाईसिंह सोलंकी, उज्ज्वला बर्मन और जमना भावे ने बताया कि कालेज संचालकों ने धोखा दिया कि कालेज को मान्यता नहीं है। फीस लेते समय हमें कहा कि घरवालों को मत बताना कि कितनी फीस जमा कर रहे हैं। एडमिशन लेते समय हमने कालेज भवन दिखाने के लिए कहा तो संचालक टाल गए कि अभी कोरोना चल रहा है, बाद में दिखाएंगे। शुरुआत में दो महीने नौलखा के आरके हास्पिटल में हमारी कक्षाएं लगाईं और अब कोई कक्षा नहीं लग रही है। इसी कालेज में तीन-चार साल का नर्सिंग कोर्स कर चुकी छात्राएं भी शिकायत लेकर पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि अब तक हमारा रजिस्ट्रेशन और मार्कशीट हमको नहीं दी गई है।