Shani Jayanti 2022 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गरीबों, विकलांग, निशक्तजनों की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनिदेव की साढ़े साती, ढैया, महादशा में यदि विपरीत परिणाम मिल रहे हैं तो इनकी यथासंभव मदद करें। साथ ही शनि मंत्र का जाप करें। इससे आपको उनकी कृपा प्राप्त होगी।

यह बात शनि उपासक महामंडलेश्वर दादू महाराज ने शुक्रवार को कही। वे रामबाग स्थित मस्त बजरंग मंदिर में शनि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिनी शनि कथा के पहले दिन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक समय सूर्य, चंद्र, मंगल आदि नवग्रहों में इस बात पर विवाद बढ़ गया कि सबसे बड़ा कौन है। इसके निराकरण के लिए देवराज इंद्र के पास पहुंचे कि आप न्याय करके बताएं कि नवग्रहों में कौन सबसे बड़ा, कौन सर्वश्रेष्ठ है। यह प्रश्न सुन इंद्र घबराकर कहने लगे कि मुझमें यह सामर्थ्य नहीं है। आप पृथ्वी पर जाएं वहां राजा विक्रमादित्य आपकी समस्या का हल निकाल सकते हैं। नवग्रह चलकर राजा विक्रमादित्य के पास पहुंचे। इसके आगे की कथा शनिवार को होगी। प्रारंभ में पूजन पं. आनंद कुलकर्णी, विट्ठल गुरु, सुबोध काटे ने किया। शनि कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 तक तक होगी।

तीन दिवसीय शनि जयंती महोत्सव आज से - यंग इंडिया क्लब के तत्वावधान में जिंसी चौराहा स्थित मंशापूर्ण शनि मंदिर में तीन दिवसीय शनि जयंती महोत्सव का आयोजन 28 से 30 मई तक किया जाएगा। अध्यक्ष श्याम अग्रवाल व डा निर्मल महाजन एवं सतीश सेन ने बताया कि पहले दिन शाम 6 बजे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कर्मचारी रामायण मंडल द्वारा सुंदरकांड की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। 29 मई को शाम 6 बजे फूल बंगला सजेगा। 30 मई को सुबह 8 से 10 बजे तक पूजन-अर्चन, दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक श्रृंगार एवं वट पूजा, शाम 4 से 6 बजे तक यज्ञ एवं हवन पूजन, शाम 6.30 बजे छप्पन भोग दर्शन तथा शाम 7.30 बजे महाआरती के बाद संत-महंतों के प्रवचन एवं सम्मान समारोह के साथ समापन होगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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