‘हां, नौकरी मांगने आई थी…', ताई के मजाक ने छेड़ी सियासी चर्चा, CM से मुलाकात के बाद सुर्खियों में सुमित्रा महाजन का बयान
‘नौकरी मांगने आई थी…’ ताई के इस एक मजाक ने राजनीतिक गलियारों में सियासी चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद दिए गए सुमित्रा ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 11:59:40 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 12:07:39 PM (IST)
सीएम से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सुमित्रा महाजन। -वीडियो ग्रैबHighLights
- ताई के एक मजाक ने राजनीतिक गलियारों में सियासी चर्चा छेड़ दी है
- सुमित्रा महाजन का बयान सुर्खियों में आ गया है
- मुलाकात का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो सका है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : ‘नौकरी मांगने आई थी…’ ताई के इस एक मजाक ने राजनीतिक गलियारों में सियासी चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद दिए गए सुमित्रा महाजन का बयान सुर्खियों में आ गया है।
इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलीं पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और चर्चा की। मुलाकात के बाद मीडिया के सवाल पर ताई ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “हां, नौकरी मांगने आई थी।”
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं
मीडिया ने मुलाकात की वजह पूछी तो उनके इस मजाकिया या तंज वाले अंदाज भरे इस एक जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इंदौर से लगातार 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन, लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है।
मुलाकात का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो सका है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। किसी पद की मांग की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं मुलाकात में इंदौर के जल संकट और नर्मदा पाइपलाइन लीकेज का मुद्दा भी ताई ने उठाया है। ताई ने शहर की पाइप लाइनों का डिजिटल मैप तैयार करने का सुझाव भी दिया है।
पाइप लाइन के लीकेज से जलापूर्ति प्रभावित होती है
ताई का मानना है कि डिजिटल मैपिंग से पाइप लाइन की लोकेशन और लीकेज का पता लगाने में मदद मिल सकती है। ताई ने कहा- पाइप लाइन लीकेज से जलापूर्ति प्रभावित होती है, आने वाले समय में जल संकट की आशंका भी है।
पहले दिए गए डिजिटल मैपिंग के सुझाव पर कितना अमल हुआ, इस पर भी सवाल
आठ बार की सांसद और पूर्व लोकसभा स्पीकर ताई का ‘नौकरी’ वाला मजाक चर्चा में, वहीं इंदौर के जल संकट पर डिजिटल मैपिंग के सुझाव ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।