
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के पुलिस कंट्रोल रूम में हुए गोलीकांड में नया पेंच आ गया है। महिला एएसआइ पर हनीट्रैप में फंसा कर 50 लाख रुपये वसूलने के आरोप लगाए जाने के बाद जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी गई है। एएसआइ का मोबाइल तो गायब है लेकिन टीआइ हाकमसिंह पंवार के मोबाइल की जांच चल रही है।
पिछले शुक्रवार को इंदौर पुलिस कंट्रोल रूम में भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआइ हाकमसिंह ने एएसआइ (विविध शाखा) पर गोली चलाने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को टीआइ की पत्नी लीलावती उर्फ वंदना और गोद लिए बेटे मुकेश पंवार ने लिखित शिकायत कर दावा किया कि उन्हें एएसआइ व उसके भाई ने हनीट्रैप में फंसाया था। पुलिस कंट्रोल रूम के सामने कपड़ा शोरूम संचालक भी 25 लाख रुपये नही दे रहा था। मामले की जांच के लिए डीसीपी जोन-3 धर्मेंद्रसिंह भदौरिया ने एसआइटी गठित कर दी। जांच दल में संयोगितागंज एसीपी अरविंदसिंह तोमर, टीआइ तहजीब काजी, एसआइ केके शर्मा, माधवसिंह भदौरिया को शामिल किया गया है। पुलिस को एएसआइ का फोन नहीं मिला लेकिन टीआइ के फोन की फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है।
स्टेटस की तारीफ की तो दूधवाले हुआ प्यार, शादी के बाद भाग गया
इंदौर। बाणगंगा पुलिस ने न्यू जगदीश नगर निवासी 22 वर्षीय युवती की शिकायत पर आरोपित हिमांशु जोशी (गंगानगर) के खिलाफ केस दर्ज किया है। युवती के मुताबिक आरोपित ने उससे प्रेम विवाह किया और गायब हो गया। जांच अफसर के मुताबिक हिमांशु दूध देने आता था। नीतू ने उसे आनलाइन पेमेंट किया जिससे उसका नंबर हिमांशु के पास पहुंच गया। उसने वाट्सएप स्टेटस पर डीपी देख नीतू की तारीफ कर दी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। प्रेम प्रसंग शुरू हो गया और नीतू दिल दे बैठी। दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। हिमांशु उस पर शंका करने लगा। एक दिन विवाद किया और छोड़ कर मुंबई भाग गया।