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सिंहस्थ 2028: महाकाल से ओंकारेश्वर का सफर होगा सुपरफास्ट, सुरंग और वायडक्ट से घट जाएगी 10-12 किमी की दूरी

सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को महाकाल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर तक पहुंचने को लेकर इंदौर-खंडवा-इच्छापुर राजमार्ग अहम माना जा रहा है, जिसका काम बाकी...और पढ़ें

By Kapil NileyEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 05:36:03 AM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 05:38:04 AM (IST)
सिंहस्थ 2028: महाकाल से ओंकारेश्वर का सफर होगा सुपरफास्ट, सुरंग और वायडक्ट से घट जाएगी 10-12 किमी की दूरी
इंदौर-खंडवा-इच्छापुर राजमार्ग पर चल रहा सुरंग और वायडक्ट का काम

HighLights

  1. इंदौर-खंडवा राजमार्ग पर दो वाय डक खत्म करेंगे घाट सेक्शन
  2. इंदौर-ओंकारेश्वर सवा घंटे और खंडवा ढ़ाई घंटे में पहुंच सकेंगे यात्री
  3. सिमरोल से चोरल के बीच आने वाले दो घट सेक्शन भी खत्म हो जाएंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को महाकाल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर तक पहुंचने को लेकर इंदौर-खंडवा-इच्छापुर राजमार्ग अहम माना जा रहा है। मगर अभी राजमार्ग का बीस फीसद काम होना बाकी है। सवा साल देरी से चल रहे प्रोजेक्ट में इन दिनों सुरंग और वायडक्ट बनाया जा रहा है।

इसे लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने निर्माण एजेंसी को काम तेज करने को कहा है। कारण यह है कि सुरंग और वायडक्ट की बदौलत दस से बारह किमी का रास्ता कम होगा। यहां तक कि सिमरोल से चोरल के बीच आने वाले दो घट सेक्शन भी खत्म हो जाएंगे। आसान होने के साथ ही सफर में समय कम लगेगा।


राजमार्ग पर चल रहा तीन सुरंग का निर्माण

216 किमी लम्बे इस राजमार्ग पर तीन सुरंग का निर्माण चल रहा है, जिसमें दो 500-500 और एक 300 मीटर लम्बी सुरंग है। तलाई में बनाई जा रही पहली सुरंग से निकलते ही वाहन वायडक्ट से गुजरेंगे। यहां पहाड़ों के बीच दो वायडक्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें पहला 500 और दूसरा 450 मीटर का वायडक्ट रहेगा। दोनों का काम 60 फीसद पूरा हो चुका है। मेघा इंजीनियरिंग ने वायडक्ट का काम नवंबर-दिसंबर के बीच पूरा करने का दावा किया है।

इसके अलावा चोरल की नदी पर तीन माइनर ब्रिज कम वायडक्ट रहेंगे। इसके चलते इंदौर से ओंकारेश्वर पहुंचने में महज एक घंटा चालीस मिनट का समय लगेगा। जबकि वर्तमान में 80 किमी की दूरी तय करने में पौने तीन घंटे लगते है। वायडक्ट की वजह से घाट सेक्शन खत्म होगा। समय कम लगने की वजह यह है कि सफर 10-12 किलोमीटर कम होगा। मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव के मुताबिक ओंकारेश्वर के अलावा खंडवा भी ढ़ाई घंटे में पहुंचा जाएगा। आरओबी का काम भी तेज सफर आसान करने के लिए राजमार्ग पर सुरंग-वायडक्ट के अलावा बड़वाह में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का काम चल रहा है।

अलाइटमेंट बदलने के बाद आरओबी के लिए अतिरिक्त जमीन भी मिल चुकी है। एनएचएआ ने सड़क की क्षमता, सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन के लिए एक-एक मेजर ब्रिज-व्हीकल ओवर पास (वीओपी), चार व्हीकल अंडर पास (वीयूपी), एक लाइट व्हीकल अंडर पास (एलवीयूपी), छह स्माल व्हीकल अंडर पास (एसवीयूपी), 14 माइनर ब्रिज, 22 बाक्स कल्वर्ट तथा 11 पाइप कल्वर्ट का निर्माण कर रहा है। बेहतर होगी कनेक्टिविटी महाकाल से ओंकारेश्वर के बीच का सफर राजमार्ग से आना होगा।

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इसके अलावा इंदौर से खंडवा, बुरहानपुर, जलगांव के बीच भी यातायात बेहतर होगा। इन शहरों के बीच कनेक्टिविटी आसान होगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, कृषि परिवहन, पर्यटन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। कम होगी दूरी भी दोनों वायडक्ट और तीन ब्रिज का काम चल रहा है, जो अगले कुछ महीनों में पूरा होगा। उसके बाद मार्ग से वाहन निकल सकेंगे। घाट सेक्शन खत्म होने से दूरी भी कम होगी। प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।