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इंदौर में बंटी नागर के बेटे और भाई ने कर्ज की बात से किया इन्कार, एक्सपर्ट से मोबाइल का लॉक खुलवाने की कोशिश

इंदौर में रियल एस्टेट कारोबारी बंटी नागर की खुदकुशी के केस में बेटे और भाई थाने पहुंचे थे, मोबाइल के लॉक को लेकर वे कुछ नहीं बोल पाए।

By Mukesh MangalEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 09:29:34 AM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 09:41:14 AM (IST)
इंदौर में बंटी नागर के बेटे और भाई ने कर्ज की बात से किया इन्कार, एक्सपर्ट से मोबाइल का लॉक खुलवाने की कोशिश
संदीप उर्फ बंटी नागर की तस्वीर।

HighLights

  1. कोई आर्थिक बाधा नहीं थी और न ही किसी तरह का संकट था
  2. ऑफिस में उनका व्यवहार संतुलित था, लोगों से प्रोजेक्ट के लिए हर रोज मिलते थे
  3. ये बयान भी इशारा कर रहे हैं कि मामला व्यक्तिगत था, न कि आर्थिक

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। साकेत नगर में अपने ऑफिस में आत्महत्या करने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर के बेटे और भाई बुधवार को सामान्य कथन के लिए पलासिया थाने पहुंचे थे। उन्होंने आत्महत्या के पीछे कर्ज जैसी बात से इन्कार किया। काफी देर थाने में बात करने के बाद वे चले गए। वहीं, आत्महत्या से पहले आखिरी बार किन नंबरों पर बात की थी, उसकी काल डिटेल पुलिस ने निकाली है।

जिन नंबरों पर बात की थी, उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा। हाईप्रोफाइल केस होने के कारण पुलिस उनके नामों का खुलासा नहीं कर रही है। पुलिस मोबाइल एक्सपर्ट को बुलाकर मोबाइल का लाक खुलवाने का प्रयास कर रही है।


पलासिया थाने पर बुधवार को बंटी नागर के बेटे और भाई पहुंचे थे। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक दोनों थाने पर रहे। टीआई सुरेंद्र सिंह से उनकी बात हुई। मोबाइल के लॉक को लेकर वे कुछ नहीं बोल पाए। हालांकि, पुलिस को दोनों से कोई खास जानकारी नहीं मिली। ऑफिस स्टाफ के भी पुलिस बयान ले चुकी है।

इसमें सभी ने कहा कि पूरे प्रोजेक्ट समय पर और अच्छे से चल रहे थे। कोई आर्थिक बाधा नहीं थी और न ही किसी तरह का संकट था। ऑफिस में उनका व्यवहार संतुलित था। वे लोगों से प्रोजेक्ट के लिए हर रोज मिलते थे। सभी काम व्यवस्थित चल रहे थे। ये बयान भी इशारा कर रहे हैं कि मामला व्यक्तिगत था, न कि आर्थिक।

दोस्तों से नहीं हुई थी बात

बंटी पिछले दिनों दिल्ली गए थे। आने के बाद दोस्तों के संपर्क में नहीं थे। उधर, बंटी से हर रोज बात करने वाले दोस्तों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात से ही उन्होंने दोस्तों से किनारा कर लिया था। जिनसे हर दिन पांच से दस बार बात होती थी, उन्हें भी फोन करना और उनके कॉल उठाना बंद कर दिया था। बंटी मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी करते थे। पुलिस को जानकारी लगी है कि बंटी को आर्थिक परेशानी नहीं थी।

मुख्य वजह यह है कि इसी माह बंटी ने करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी थी। यह सांवेर तहसील में ली गई थी और रजिस्ट्री कराई गई थी। बैंक बैलेंस भी काफी मजबूत था। करीब पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनकी सभी क्लीयरेंस कॉलोनी सेल इंदौर से हो चुकी थी। इसमें एक की तो कार्यपूर्णता हाल ही में ली थी। चार प्रोजेक्ट्स की विकास मंजूरी पहले से थी। एक प्रोजेक्ट को हाल ही में मंजूरी मिली। एक अन्य प्रोजेक्ट को लेकर फाइल कलेक्ट्रेट में लग चुकी थी।

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