Indore Kirana Bazar: भूटान से सुपारी आयात पर विशेष छूट का ऐलान, स्थानीय बाजारों में गिरेंगी कीमतें
Indore Kirana Bazar: इंदौर और नागपुुर के बाजारों में बड़े पैमाने पर बर्मा से आयातित सुपारी की आपूर्ति जारी है। पुराने सौदों के अनुसार आ रही सुपारी अब महंगी पड़ती दिख रही है। बीते दिनों दक्षिण भारत में लगातार जारी बारिश के कारण सुपारी की फसल को नुकसान हुआ था।
By Sameer Deshpande
Edited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 01 Oct 2022 02:48:20 PM (IST)
Updated Date: Sat, 01 Oct 2022 02:48:20 PM (IST)

Indore Kirana Bazar: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सरकार की ताजा घोषणा से सुपारी के बाजार में बड़ी गिरावट की उम्मीद की जा रही है। दरअसल दो दिन पहले डायरेक्टर जनरल आफ फारेन ट्रेड (जीडीएफटी) ने आदेश जारी कर भूटान से हरी सुपारी के आयात को मिनिमन इंपोर्ट प्राइज के बंधन से मुक्त कर दिया। इसके बाद हर साल 17000 टन ताजी सुपारी भूटान से आयात की जा सकेगी। इससे पहले सरकार ने सुपारी के आयात पर न्यूनतम मूल्य का बंधन लागू किया था। साथ ही करीब 200 प्रतिशत टैक्स-ड्यूटी भी सुपारी के आयात पर लागू है।
अब तक लागू नीति के अनुसार म्यांमार (बर्मा), इंडोनेशिया से सुपारी का आयात करना भारतीय आयातकों को महंगा पड़ रहा था। देश में आयातित सुपारी की लागत 450 से 480 रुपये किलो के आसपास पड़ रही थी। ताजा आदेश के बाद बड़े पैमाने पर देश में सुपारी का आयात सस्ती दरों पर होने की उम्मीद जताई जा रही है। बारिश का दौर खत्म होने के बाद पान मसाला उद्योगों की मांग भी निकलने वाली है। ऐसे में मांग का लाभ उठाते हुए भारतीय बाजार में आयातित सुपारी का प्रवाह बढ़ना तय माना जा रहा है। ताजा आदेश के बाद सुपारी के स्टाकिस्ट और आयातकों में घबराहट है।
दरअसल इंदौर और नागपुुर के बाजारों में बड़े पैमाने पर बर्मा से आयातित सुपारी की आपूर्ति जारी है। पुराने सौदों के अनुसार आ रही सुपारी अब महंगी पड़ती दिख रही है। ऐसे में खरीदार आने वाली सस्ती खेप की उम्मीद में मौजूदा खरीदी रोक सकते हैं। दूसरी ओर सुपारी उत्पादकों की सहकारी संस्था कैम्पको ने आदेश के विरोध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। कैम्पको ने कहा है कि इस भूटान से सुपारी का आयात बिना किसी बंधन के होने देने पर स्थानीय बाजार में कीमतें गिरेंगी। यह सुपारी उत्पादक किसानों के हित प्रभावित करेगा। उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
दरअसल बीते दिनों दक्षिण भारत में लगातार जारी बारिश के कारण सुपारी की फसल को नुकसान हुआ था। उत्पादक मंडी मेंगलोर में बीते दिनों लाल सुपारी बेस्ट 500 रुपये प्रति किलो बिकी थी। सफेद सुपारी का नया स्टाक 420 से 475 रुपये बिका था। शिवमोगा मंडी में तो रास सुपारी 555 रुपये तक बिकी थी। इंदौर बाजार में सितंबर में सुपारी के दाम चालेसरी 460-480, मैंगलोर 500-540, बर्मा रास 460-472 इंडोनेशिया थाली 410 से 440 रुपये बोली जा रही थी। आगे दामों में नरमी देखी जा रही है।