By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Thu, 11 Jan 2024 07:49:25 AM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jan 2024 02:16:50 PM (IST)
Swachh Sarvekshan 2023: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर अब स्वच्छता के सातवें आसमान पर है। पहली बार सूरत को भी संयुक्त तौर पर सबसे स्वच्छ शहर बन गया। स्वच्छता हमारे संस्कार में है, इसलिए हम नंबर वन हैं। गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुरस्कार लिया।
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इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त हर्षिका सिंह भी मौजूद थे। तीसरे स्थान पर नवी मुंबई को मिला।
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महू कैंटोनमेंट बोर्ड को देश का सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड का पुरस्कार मिला। निदेशक जनरल टीएस राजेशवर्धन ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।
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मध्य प्रदेश ने देश का सबसे स्वच्छ राज्य के दूसरे स्थान का पुरस्कार जीता। पिछले साल मप्र पहले स्थान पर रहा। मोहन यादव ने पुरस्कार ग्रहण किया। महाराष्ट्र ने पहला और छत्तीसगढ़ ने तीसरे स्थान पर रहा।
शहरों से खत्म हो रहे डंपिंग ग्राउंड- द्रोपदी मुर्मु
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने इस अवसर कहा कि अर्बन में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मैं हरदीप सिंह पुरीजी को बधाई देती हूं। हर साल एक विषय दिया जाता है। इससे स्वच्छता को बल मिला है। कूड़ा-कचरे को कंचन में बदलना है। सभी स्वच्छता में आगे बढ़ रहा है। हमारे सफाईमित्रों ने इसमें सबसे बड़ा योगदान दिया है। स्वच्छता से संपन्नता की ओर बढ़ रहे हैं। इससे महिलाएं को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंति से एक दिन पहले एक दिन, एक तारीख, एक घंटा अभियान के जरिये स्वच्छता को सफल बनाया और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी इसमें योगदान रहे हैं। मैं सभी सफाईकर्मियों को देश की ओर से धन्यवाद देती हूं।
उन्होंने कहा कि रिसाइकल और रियूज की प्रणाली भी सफल हो रही है। वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में जीरो वेस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रीन वेस्ट से बायोगैस बनाने का काम प्रगति पर है। कभी शहरी जमीन कूड़े के पहाड़ बने थे, लेकिन स्वच्छता अभियान के तहत अब ऐसे डंपिग ग्राउंड खत्म हो रहे हैं।
स्वच्छता केवल आदत नहीं है, यह एक आंदोलन- हरदीप सिंह पुरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने की मांग की थी और खुले में शौच जाने को खत्म करने का बिड़ा उठाया था। उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी को स्वच्छ भारत से बेहतर तोहफा कैसे होगा। यह मिशन एक आंदोलन बन गया। इसमें सभी ने श्रमदान किया। यह अब अभिन्न अंग बन गया है। सख्त प्रक्रिया है। 2016 में यह सर्वेक्षण शुरू हुआ जो अब सबसे बड़ा सर्वेक्षण बन गया है। लगभग सभी शहरों और गांवों में बड़ी संख्या में सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। 2014 में 14 से 15 प्रतिशत कचरे की प्रोसेसिंग होती थी, लेकिन अब 75 से 76 प्रतिशत तक कचरा प्रोसेस होता है। स्वच्छता केवल आदत नहीं है, यह एक आंदोलन। एक अगली पीढ़ी भी इस आंदोलन में भाग ले रही है।
ओडिशा के सैंड आर्ट कलाकार सुदर्शन पटनायक ने कार्यक्रम की शुरुआत भारत में स्वच्छता की शुरुआत को अपनी कला से दर्शाया। बालीवुड के ख्यात गायक कैलाश खेर ने स्वच्छता एंथेम की प्रस्तुति दी।
वर्ष 2017 से इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम आ रहा है। जनभागीदारी, नवाचारों और आपसी समन्वय वाले जज्बे ने ही हमें देश के दूसरे शहरों से आगे बनाए रखा है।
इंदौर को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कह चुके हैं कि दूसरे शहर जब किसी बात को करने का सोचते हैं, इंदौर उसे कर चुका होता है। आज जब देश के दूसरे शहर स्वच्छता का महत्व समझकर इसे अपनाने के बारे में विचार कर रहे हैं, हम स्वच्छता का सातवां आसमान छू चुके हैं। स्वच्छता को लेकर कहा जाता है कि यहां के लोगों की सिर्फ आदत नहीं, बल्कि त्योहार और संस्कार है।
समारोह के साक्षी बनने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त हर्षिका सिंह, अपर आयुक्त, महापौर परिषद के सदस्य, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीएसआइ), सात सफाई मित्र, दो दरोगा दिल्ली पहुंचेते। शहरवासी भी इस समारोह के साक्षी बनें, इसके लिए
नगर निगम ने शहर के प्रमुख पर समारोह के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई थी।
छप्पन दुकान परिसर पर मना जश्न
शहर के स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 आने की घोषणा होते ही गुरुवार सुबह छप्पन दुकान पर ढोल के साथ दुकानदारों व अन्य शहरवासियों ने जश्न मनाया। इस मौके पर छप्पन दुकान परिसर में सफाई करने वाले पांच स्वच्छता कर्मियों का छप्पन दुकान एसोसिएशन के पदाधिकारी व व्यापारियों ने शाल, श्रीफल, मिठाई देकर सम्मान किया। सफाई मित्र को एक-एक हजार रुपये की राशि व इस क्षेत्र के निगम दरोगा शंकर को 2100 रुपये की राशि दी गई।
मुख्य चौराहों पर हुआ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण
दिल्ली में आयोजित इस समारोह को लेकर इंदौरवासियों में उत्साह रहा। इंदौरवासी भी इस कार्यक्रम के साक्षी बन सकें, इसके लिए नगर निगम ने मुख्य चौराहों पर कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई। जगह-जगह मिठाई बांटी गई। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि राजवाड़ा, बड़ा गणपति, महू नाका, मेघदूत चौराहा, 56 दुकान, निगम मुख्यालय सहित चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई । इन जगहों पर आमजन के बैठने की व्यवस्था भी थी। निगमकर्मी भी इन चौराहों पर जनता के साथ जश्न में शामिल हुए। 56 दुकान पर भी सफाई मित्रों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
राजवाड़ा पर होगा मुख्य समारोह
नगर निगम की टीम राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार लेकर गुरुवार रात करीब 8.30 बजे तक इंदौर पहुंच जाएगी। टीम एयरपोर्ट से सीधे राजवाड़ा पहुंचेगी। यहां देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद जश्न मनाया जाएगा। ढोल-ताशे के साथ निगमकर्मी, सफाई मित्र, अधिकारी, कर्मचारी आयोजन में शामिल होंगे। इस मौके पर मिठाई वितरण भी किया जाएगा। कोई भी आम शहरी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकेगा।