
Naidunia Exclusive: उदय प्रताप सिंह, इंदौर। इंदौर के स्वर्णबाग कालोनी में दो मंजिला मकान में शनिवार तड़के लगी आग में झुलसने से सात लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के प्रत्यशदर्शी व पास की इमारत में रहने वाले युवक महेश सुनसाले ने नईदुनिया को सुनाई आंखों देखी और बताया कि किस तरह उन्होंने इमारत में फंसे लोगों की आग बुझाने में मदद की और उनके प्रयासों से ही तीन महिलाओं और एक युवक की जान बच सकी। यह पूरी कहानी उन्होंने नईदुनिया के इस रिपोर्टर को बताई....
कहानी महेश की जुबानी...
छत से हाथ दे युवक को बचाया...
हर रोज की तरह मैं अपने घर की छत पर सो रहा था, रात 2.30 बजे मुझे अचानक लोगों के आग-आग चिल्लाने की आवाज आई। छत पर खड़े होकर देखा तो पता चला कि मेरे घर के पास की इमारत में ही आग लगी है। काफी लोग जमा हो गए थे। उस दौरान मैंने अपने छत पर रखी पुताई व मरम्मत के काम आने वाली सीढ़ी पर चढ़कर, पास में जिस इमारत में आग लगी थी, उसकी छत पर से एक युवक को हाथ देकर अपने छत पर लाया। इमारत के ग्रांडड फ्लोर पर लगी आग छत तक पहुंच चुकी थी। आग इतनी भयावह थी कि छत के गेट से आग की लपटे बाहर आ रही थी, जिससे दरवाजे को खुला रखना भी संभव नहीं था।
पहली मंजिल से महिला को अपनी इमारत में लिया...
इस दौरान मुझे पता चला कि आग नीचे की ओर ज्यादा बढ़ रही है। मैं अपने घर की पहली मंजिल पर गया और जिस इमारत में आग लगी थी उस इमारत की बालकनी में महिला खड़ी हो चिल्ला रही थी। मेरे साथ एक मेरे साथी ने भी उस महिला को हाथ देकर अपनी बालकनी पर खींच लिया। उस महिला की बालकनी में एक गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था।
पानी की मोटर चालूकर आग बुझाई...
इमारत में जब आग की लपटें ओर तेजी से बढ़ने लगी तो मैंने अपने घर के पास की इमारत की मोटर जो ज्यादा हार्सपावर की थी उसे चालू कर पाइप के माध्यम से रोड पर खड़े होकर आग बुझाने का प्रयास किया। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची हमने तल मंजिल की आग बुझा दी थी लेकिन प्रथम तल पर आग लगी थी इस वजह से वहां तक जाना संभव नहीं था। फायर ब्रिगेड आई और उसने पहली मंजिल की आग पर काबू किया।
रस्सी बाधंकर दो महिलाओं को उतारा...
पानी बुझाने के बाद हमने देखा कि दो महिलाएं पहली मंजिल पर फंसी हुई हैं। आग की लपटें बढ़ रही थी और वो महिलाएं घबराई हुई थी। मैंने कालोनी के लोगों के साथ मिलकर रस्सी के माध्यम से दोनों महिलाओं को नीचे उतारा।