
इंदौर। T 20 Match Indore इंदौर शहर में मंगलवार को आयोजित टी 20 मैच के दौरान वाहन चालक जमकर परेशान हुए। मैच देखने आए करीबन 30 हजार लोगों के सामने ट्रैफिक पुलिस के सारे इंतजाम फेल हो गया। एमजी रोड, रेसकोर्स रोड पर लंबा जाम लग गया। पुलिस को लगातार अनाउंसमेंट कर जाम खुलवाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई। कई लोग मैच शुरू होने के बाद स्टेडियम में प्रवेश कर पाए। मैच के लिए पुलिस ने सोमवार को ही ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया था। मंगलवार सुबह से पुलिस ने बेरिकेड्स लगा दिए थे। इसके बाद दो बजे से रेसकोर्स रोड पर एक तरफ का ट्रैफिक बंद कर दिया गया था। शाम करीब पांच बजे से जब टीमों ने स्टेडियम में प्रवेश किया। इसके बाद से दर्शकों को प्रवेश शुरू हुआ और जाम लगने की शुरुआत हो गई। वाहन काफी धीरे-धीरे चल रहे थे जिससे लंबा जाम लग गया। जो लोग लोक परिवहन में सफर कर रहे थे, वे वाहन को छोड़ कर स्टेडियम की तरफ बढ़ गए। लेकिन जाम में फंसने के कारण कई लोग मैच शुरू होने के बाद स्टेडियम में प्रवेश कर सकें।
प्रवेश की लाइन एमजी रोड तक : मैच शुरू होने के एक घंटे पहले शाम 6 बजे से ही लंबा जाम एमजी रोड पर लग गया। पलासिया चौराहे पर लंबा जाम लग गया था। कई लोग बड़वानी प्लाजा और आसपास के इलाके में गाड़िया पार्क कर पैदल ही स्टेडियम की तरफ चले गए। लेकिन आगे जाकर इंडस्ट्री हाउस और एमजी रोड पर जाम में फंस गए। अपोलो टावर के सामने भी लंबा जाम लग गया था। स्टेडियम में प्रवेश करने वालों की लाइन एमजी रोड तक लग गई थी। स्टेडियम में आ रहे लोगों के पार्किंग का इंतजाम जीएसआईटीएस, बाल विनय मंदिर, पंचम की फैल और विवेकानंद स्कूल में किया गया था। लेकिन लोग यहां तक आने के लिए परेशान हो गए। पार्क रोड, रीगल तिराहा, हाईकोर्ट तिराहे सहित कई इलाकों में लंबा जाम लग गया।
खत्म होने के बाद भी यहीं हाल : इधर, रात को मैच समाप्त होने के बाद भी यहीं हाल रहे। हांलाकि कुछ लोग मैच समाप्ति के पहले ही स्टेडियम से निकल गए थे। लेकिन फिर भी जो लोग बाद में निकले वे लोग परेशान हो गए।
वीआईपी एरिया में सिंधिया के खास चौहान को प्रवेश नहीं
भारतीय टीम जब होलकर स्टेडियम में जीत की इबारत लिख रही थी तो मैदान के बाहर मेजबान एमपीसीए में अंदरूनी कलह सामने आ रही थी। वीआईपी एरिया में एमपीसीए के बीसीसीआई प्रतिनिधि राजूसिंह चौहान को प्रवेश नहीं मिला। नाराज चौहान अपना पास वहीं पटककर चले गए। बाद में उन्हें मनाने के प्रयास होते रहे। होलकर स्टेडियम में डॉ. एमके भार्गव कांफ्रेंस हाल के सामने वीआईपी क्षेत्र होता है। जब चौहान यहां प्रवेश करने गए तो उनके कार्ड से प्रवेश नहीं मिला। पूछने पर बताया गया कि यह क्षेत्र सिर्फ प्रबंधकारिणी सदस्यों के लिए आरक्षित है। उन्होंने बताया कि मैं बीसीसीआई में एमपीसीए का प्रतिनिधि हूं और मुझे ही यहां प्रवेश के योग्य नहीं समझा जा रहा। तब अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर उन्हें अंदर ले गए। सूत्र बताते हैं कि एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी की बात चौहान को चुभ गई। वे अपना कार्ड वहीं रखकर लौट आए। प्रदेश की प्रतिष्ठित जेएन भाया ट्रॉफी जिनके नाम होती है, उनके बेटे विजय भाया को भी बाद में बाहर जाने के लिए कहा गया।
सदस्यों को इस बात की नाराजगी थी कि प्रबंधकारिणी सदस्यों के लिए आरक्षित बताए गए क्षेत्र में ऐसे चेहरे मौजूद थे, जो एमपीसीए सदस्य भी नहीं थे। कई नेता और उनके समर्थक भी यहां कुर्सियों पर जमे थे। चौहान को एमपीसीए में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भरोसेमंद माना जाता है। सिंधिया के कहने पर ही उन्हें बीसीसीआई के लिए मनोनीत किया गया था, लेकिन उनका बीसीसीआई जाना कइयों को हजम नहीं हुआ और तभी से वे आंखों की किरकिरे बने हुए हैं। बाद में चौहान एमपीसीए सदस्यों के लिए बने ब्लाक में बैठकर कुछ देर मैच देखते रहे और फिर घर लौट गए। संगठन में यह भी चर्चा है कि सिंधिया की सलाह के बावजूद समितियों में फेरबदल किए गए।
आज मेरे साथ जो हुआ वह ठीक नहीं है, इसलिए मैं अपना कार्ड वहीं रखकर लौट गया। मुझे प्रबंध्ा समिति ने ही बीसीसीआई के लिए मनोनीत किया है। इतने सालों से जो व्यक्ति संगठन और खेल के हित में काम कर रहा है, उसके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। नए-नए कानून बनाना ठीक नहीं। यदि नियम बनाना है तो सभी की जानकारी में लेकर होना चाहिए। - राजूसिंह चौहान, बीसीसीआई प्रतिनिधि
मैंने भी घटना के बारे में सुना है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं है। मैं उस समय बाहर था। हो सकता है किसी तकनीकी समस्या के कारण उन्हें प्रवेश न मिला हो। हम कल इस मामले को देखेंगे। - संजीव राव, सचिव, एमपीसीए