• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Taste Of Indore: आलू की गरमागरम कचौरी पर हरी चटनी, प्याज और मिर्च का चटपटा अंदाज, इंदौर की जुबा पर है यह स्वाद

Taste Of Indore: जनता कचौरी के नाम से प्रसिद्ध यह ठिया जनता के बीच लोकप्रिय है।

By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 14 Oct 2023 08:24:16 AM (IST)Updated Date: Sat, 14 Oct 2023 12:19:38 PM (IST)
Taste Of Indore: आलू की गरमागरम कचौरी पर हरी चटनी, प्याज और मिर्च का चटपटा अंदाज, इंदौर की जुबा पर है यह स्वाद
जीएसआईटीएस की प्रसिद्ध आलू कचोरी। फोटो - प्रफुल्ल चौरसिया आशु

HighLights

  1. एसजीएसआइटीएस के बाहर से गुजरते हैं तो वहां एक कचौरी की दुकान पर लगी भीड़ आपका ध्यान खींच लेती है।
  2. यहां लगने वाली भीड़ केवल कालेज के विद्यार्थियों की नहीं है बल्कि शहर के उन लोगों की भी रहती है जो स्वाद के शौकीन हैं।
  3. वर्षों से यहां की कचौरी के पारंपरिक स्वाद को जुबां के साथ दिल-दिमाग में बसाए हुए हैं।

Taste Of Indore: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जब आप शहर के सबसे पुराने इंजीनियरिंग कालेज एसजीएसआइटीएस के बाहर से गुजरते हैं तो वहां एक कचौरी की दुकान पर लगी भीड़ आपका ध्यान खींच लेती है। यहां लगने वाली भीड़ केवल कालेज के विद्यार्थियों की नहीं है बल्कि शहर के उन लोगों की भी रहती है जो स्वाद के शौकीन हैं और वर्षों से यहां की कचौरी के पारंपरिक स्वाद को जुबां के साथ दिल-दिमाग में बसाए हुए हैं।

जनता कचौरी के नाम से प्रसिद्ध यह ठिया जनता के बीच कितना लोकप्रिय है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हरदिन यहां औसतन आठ सौ कचौरियां तैयार की जाती हैं और सभी को गरमागरम कचौरी की दावत मिलती है।


80 के दशक में यह दुकान सलीम खान ने शुरू की थी और आज उनके पोते मेहमूद इसे संभाल रहे हैं। उनका साथ अजय चौहान दे रहे हैं। यूं तो इंदौर शहर में अधिकांश स्थानों पर दाल की कचौरी मिलती है लेकिन यहां आलू की कचौरी मिलती है और उस कचौरी का स्वाद बढ़ाने का काम खास तरह की चटनी, प्याज और हरी मिर्च बढ़ा देती है।

naidunia_image

सभी सामग्री नापतौल कर डाली जाती है

अजय बताते हैं कि इस कचौरी में भरावन के लिए तैयार होने वाले आलू में नमक, थोड़ी सी शकर, हरी मिर्च, हरा धनिया डाला जाता है। इसमें सारा खेल सामग्रियों के नापतौल का ही है। कचौरी की चटनी हरा धनिया, पुदीना, पालक, दही और कुछ मसालों से तैयार की जाती है। यहां हरी चटनी के साथ लाल चटनी नहीं दी जाती, जबकि शहर में अधिकांश स्थानों पर यह दोनों ही चटनी कचौरी पर डालकर देने का चलन है।

परोसी जाने वाली गरमागरम कचौरी पर डली हरी चटनी उसके स्वाद को तो बढ़ा ही देती है साथ ही गर्माहट इतनी तो कम कर ही देती है कि खाने में ज्यादा दिक्कत न आए। स्वाद बढ़ाने की रही सही कसर प्याज पूरी कर देता है। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक यहां कचौरी के शौकीनों का जमघट लगा रहता है। इसकी वजह कचौरी में कम मसालों के इस्तेमाल के बावजूद उसका अलहदा स्वाद जो है।