
Tata Buy Air India: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 7 दिसंबर 1937 को मनाया गया विश्व नागरिक उड्डयन दिवस इंदौर के लिए खास महत्व रखता है। दरअसल 84 साल पहले इसी दिन टाटा समूह के संस्थापक जेआरडी टाटा इंदौर में विमान लेकर आए थे। फिलहाल टाटा समूह यहां पहले से ही विस्तारा एयरलाइंस का संचालन कर रहा है। अब इंदौर से चलने वाली दो एयरलाइंस में टाटा समूह का स्वामित्व रहेगा। इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आज मध्य प्रदेश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। 25 मार्च 2018 से 24 घंटे खुला रहने वाला इंदौर एयरपोर्ट का इतिहास 84 साल पुराना है। टाटा एंड संस ने 1935 में इसका निर्माण शुरू करवाया था। उस समय इसे बनाने में 1.84 लाख रुपये खर्च आया था।
विमान से टाटा लाए थे चिट्ठियां
7 दिसंबर 1937 को जेआरडी टाटा इंदौर में विमान लेकर आए थे। तब जेआरडी टाटा हवाई जहाज से चिट्ठियां लेकर इंदौर आते थे। 1937 में ही टाटा एयरलाइंस ने बंबई (अब मुंबई), इंदौर-भोपाल-ग्वालियर-दिल्ली के बीच उड़ान शुरू की थी। 26 जुलाई 1948 को इंदौर पहली बार देश के हवाई नक्शे पर उभरा था, लेकिन हवाई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई थीं।
1982 से आने शुरू हुए बोइंग विमान
इतिहासकारों के अनुसार 1 अप्रैल 1950 से केंद्रीय वित्तीय एकीकरण योजना के अधीन इंदौर एयरपोर्ट को भारत सरकार को सौंप दिया गया। इसके बाद 14 नवंबर 1981 से एयरपोर्ट पर तीन दिन बोइंग विमान आने शुरू हुए थे। इंडियन एयरलाइंस के इस विमान में तत्कालीन सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रकाशचंद्र सेठी दिल्ली से आए थे। 15 नवंबर 1982 से यहां दिल्ली, मुंबई की नियमित उड़ानें शुरू हो गईं थी। 4 अगस्त 1985 से इंदौर-पुणे, 3 जनवरी 1987 से इंदौर-अहमदाबाद, 5 अप्रैल 1988 से इंदौर-भोपाल और 20 जून 1988 से इंदौर से जयपुर के बीच उड़ानें शुरू हुईं। अब इंदौर एयरपोर्ट से हर दिन करीब 60 से अधिक विमान उड़ते हैं। साथ ही यह प्रदेश का पहला एयरपोर्ट है, जहां से सीधी इंटरनेशनल उड़ान भी है।