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इंदौर में पाकिस्तानी डिग्रियों पर इलाज कर रहे डॉक्टरों के दस्तावेजों की स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच

ये डॉक्टर कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस और संदिग्ध पाकिस्तानी डिग्रियों के आधार पर इलाज कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद ...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 07 May 2026 07:33:18 AM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 07:33:18 AM (IST)
इंदौर में पाकिस्तानी डिग्रियों पर इलाज कर रहे डॉक्टरों के दस्तावेजों की स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच
इंदौर में पाकिस्तानी डॉक्टर कर रहे इलाज। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. जनसुनवाई में कलेक्टर को 32 डॉक्टरों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी
  2. अपंजीकृत पाए जाने वाले डॉक्टरों की सूची बनाकर तीन दिन में जांच करने के आदेश दिए गए हैं
  3. एफआईआर दर्ज होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में पाकिस्तानी डिग्रियों पर मरीजों का इलाज कर डॉक्टरों के दस्तावेजों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जाएगी। मामले में जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत मिली थी। इसके बाद सीएमएचओ डा. माधव हासानी ने सभी झोनल अधिकारी, खंड अधिकारी और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के लिए पत्र जारी किया, जिसमें आदेश दिया कि शहर में पाकिस्तानी डिग्रियों पर कार्यरत समस्त अस्पताल और क्लिनिक संचालित कर रहे डॉक्टरों के पंजीयन दस्तावेजो का सत्यापन करें। अपंजीकृत पाए जाने वाले डॉक्टरों की सूची बनाकर इस पर कार्रवाई की जाए। तीन दिन में जांच करने के आदेश दिए गए है। बता दें कि कलेक्टर को 32 डॉक्टरों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी।

बिना वैध लाइसेंस के कर रहे इलाज

आरोप लगाया है कि ये डॉक्टर कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस और संदिग्ध पाकिस्तानी डिग्रियों के आधार पर इलाज कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि डॉ. पंजवानी व डॉ. बागेचा द्वारा एक महिला का गलत इलाज करने से मौत और उक्त प्रकरण के उच्च न्यायालय के संज्ञान में आने के बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है। जांच में डॉक्टरों की डिग्रियां तक फर्जी निकलने के बाद भी कोई जांच अभियान नहीं चलाया जा रहा है। सीएमएचओ पर भी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हैं।


उल्लेखनीय है कि शहर में कई ऐसे डॉक्टर मौजूद हैं, जो पाकिस्तानी डिग्री के आधार पर इलाज कर रहे हैं। ऐसे में कभी भी किसी मरीज की जान को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में इन फर्जी डॉक्टरों पर लगाम कसना बहुत जरूरी है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ जिम्मेदारों को कार्रवाई करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

इंदौर। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा ईएसआईसी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ करने के लिए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डा. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहेंगे।