यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tourist Place in Indore: इंदौर से 75 किमी दूर है वो दिलचस्प जगह, जहां झरना गुनगुनाता है और हरियाली करती है स्वागत
Tourist Place in Indore: इंदौर से मानपुर होते हुए यहां जाया जा सकता है जोगी भड़क।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 12 Aug 2023 11:26:59 AM (IST)Updated Date: Sat, 12 Aug 2023 11:35:03 AM (IST)
यहां मुख्य झरने के अलावा दो छोटे जलप्रपात भी नजर आते हैं।HighLights
- शहर से करीब 75 किमी दूर यह स्थान आकर्षक भी है और कई मायनों में खास भी।
- यहां मुख्य झरने के अलावा दो छोटे जलप्रपात भी नजर आते हैं।
- यहां नदी के पानी को कुंड तक लाकर स्टाप डेम बना दिया गया है।
Tourist Place in Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मौसम खुशनुमा हो चला है। फिजा में हल्की ठंडक भी है। दिन में गुनगुनी धूप की अलहदा रंगत भी है। हरियाली की मखमली चादर चहुंओर बिछ चुकी है। झरनों की सरगम भी वादियों के मंच पर सुनाई देने लगी है। सीमेंट-कंक्रीट के इस जंगल में, वाहनों के भोंपू के शोर-शराबे और धुएं के उठते गुबार से अगर आप ऊब चुके हैं, तो देर किस बात की। बांधिए जूते के फीते, पीठ पर टांगिए और एक बैग लीजिए, जिसमें हो रस्सी, नाश्ता और पानी की बोतल। साथ में एक लकड़ी लीजिए और निकल चलिए शहर के आसपास ट्रैकिंग का मजा लेने। जहां जंगल तो होगा, लेकिन सीमेंट का नहीं बल्कि प्रकृति द्वारा सजाई गई झाड़ियों और पेड़ों के झुरमुट का।
कानों को दुखाने वाला नहीं बल्कि कर्णप्रिय झरनों की कलकल और परिंदों की चहचहाहट, दम घोटने वाला धुआं नहीं, यहां है शुद्ध हवा, जो रोम-रोम को पुलकित कर देती है। इन सबके साथ जो नजारे आपकी आंखों को सुकून देते हैं, उन्हें तो शब्दों में बयां किया ही नहीं जा सकता। ऐसे अनुपम नजारों के अगर आप साक्षी होना चाहते हैं, तो पहुंच जाइये जोगी भड़क। यहां
प्रकृति अपनी बाहें फैलाए इस
मौसम में आपका स्वागत कर रही है।
शहर से करीब 75 किमी दूर यह स्थान आकर्षक भी है और कई मायनों में खास भी। इंदौर से मानपुर होते हुए यहां जाया जा सकता है। मानपुर से करीब 15 किमी दूर ढाल गांव नजर आता है, जहां पहुंचकर आप खेत-खलिहान का आनंद ले सकते हैं। इस गांव का मुख्य मार्ग पार करने के बाद एक पगडंडी दिखाई देती है, जहां शासकीय विद्यालय बना हुआ है। ढाल गांव के इस विद्यालय तक आप अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। यहां वाहन खड़ा कर आपको आगे की दूरी पैदल तय करनी होगी।
यह करीब चार किमी का रास्ता है, जो
ट्रैकिंग के लिहाज से तो खास है ही, साथ ही प्रकृति को जानने का एक शानदार जरिया भी है। वैसे इस रास्ते पर भी आप दो पहिया या छोटा चार पहिया वाहन चला सकते हैं, लेकिन रास्ता थोड़ा खराब होने के कारण यह निर्णय अच्छा साबित नहीं होता। इससे प्रकृति को करीब से देखने का मौका भी हाथ से छूट जाता है।
...और दिखेगा जोगी भड़क का झरना
मानपुर से ढाल होते हुए जंगल की ओर जाने वाला रास्ता एक दोस्त की तरह पूरी ईमानदारी से आपको जोगी भड़क के झरने तक लेकर जाएगा। यहां नदी के पानी को कुंड तक लाकर स्टाप डेम बना दिया गया है। कुंड से यह पानी झरने तक पहुंचता है। इस झरने को देखना है तो एक पुल पार करना होता है। यदि आप ट्रैकिंग में रुचि रखते हैं, तो पुल के पास से एक रास्ता नजर आता है, इससे ट्रैकिंग करते हुए जलप्रपात तक पहुंचा जा सकता है।
क्षेत्र के बड़े
जलप्रपात में शामिल जोगी भड़क वाटर फाल वैसे तो सुरक्षित है क्योंकि यहां नीचे उतरने के करीब सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। लेकिन यदि कोई रास्ता नजर आए तो भी उससे नीचे न उतरें। ऐसा करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं होगा। जिन्हें यहां नहाने का आनंद लेना है, उनके लिए एक विकल्प है कि पुल से पहले जो नदी नजर आती है, उसके किनारे बैठकर भी नहाया जा सकता है।
कई और झरने आते हैं नजर
यहां मुख्य झरने के अलावा दो छोटे जलप्रपात भी नजर आते हैं। हांलांकि इन दो छोटे झरनों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। यदि वाटरफाल का पूरा नजारा देखना है, तो करीब छह किमी की ट्रैकिंग करनी होगी। इस रास्ते पर नजर आने वाले पुल के पास से एक और रास्ता नजर आता है, जो आपको दो छोटे जलप्रपातों के पास तक ले जाएगा। वर्तमान में यहां जलराशि कम ही है।
पानी का रंग बदले तो हो जाएं सतर्क
यूथ होस्टल एसोसिएशन के अशोक गोलाने बताते हैं कि सुरक्षा की दृष्टि से यह स्थान अन्य जलप्रपात की अपेक्षा सुरक्षित है, बशर्ते
पर्यटक झरने तक पहुंचने या नदी के बीच में जाकर नहाने का प्रयास न करें। इस मौसम में एक तो पत्थर चिकने हो चुके होते हैं, दूसरा आसपास हो रही वर्षा से नदी का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है।
ऐसे में बेहतर होगा कि नदी के किनारे पर ही रहें और ध्यान रखें कि पानी यदि मटमैला होने लगे तो समझ जाएं कि कहीं वर्षा हो रही है और नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में पानी से तुरंत दूर हो जाएं। यहां खानपान में केवल भुट्टे मिलेंगे। अत: बेहतर होगा कि खानपान की सामग्री अपने साथ लेकर जाएं।