
विनय यादव, इंदौर। शादी में हल्दी की रस्म को शुभ और पवित्र माना जाता है। हिंदू धर्म के साथ-साथ कई अन्य समुदायों में भी हल्दी का उपयोग परंपरा और सौंदर्य से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब यही हल्दी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। बाजार में बिक रही मिलावटी हल्दी के कारण दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं। इसके कारण एलर्जी इतनी खतरनाक हो रही है कि मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग में हाल ही में ऐसे चार मरीजों का इलाज किया गया, जिनकी तबीयत हल्दी लगाने के कुछ समय बाद अचानक बिगड़ गई थी। इनमें दूल्हा और दुल्हन दोनों शामिल थे। इनमें से एक मरीज को वेंटीलेटर पर भर्ती रखना पड़ा। यह मरीज इंदौर के अलावा खरगोन सहित अन्य आसपास के जिलों के हैं। इनमें सांस लेने में दिक्कत, होंठों में सूजन, शरीर पर लाल चकत्ते, कमजोरी और पूरे शरीर में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दिए।
होठों पर अचानक आई सूजन, शरीर पर पड़े चकत्ते
खरगोन जिले के कसरावद निवासी 21 वर्षीय राखी ने बताया कि हल्दी की रस्म के कुछ समय बाद ही उनके शरीर पर लाल चकत्ते निकल आए। धीरे-धीरे चेहरे पर सूजन बढ़ने लगी और घबराहट महसूस होने लगी। होठों पर सूजन आ गई। सांस लेने में परेशानी होने पर परिवार घबरा गया और नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से इंदौर के एमवायएच में रेफर किया गया। जांच में डाक्टरों ने मिलावटी हल्दी से एलर्जी होना बताया।
स्वजन ने बताया कि शादी की रस्मों के हिसाब से सस्ती हल्दी ही खरीदते हैं, क्योंकि यह शरीर में लगाने में ही उपयोग होती है। हमें नहीं पता था कि इस तरह की एलर्जी भी हो सकती है।
हल्दी लगाने के बाद फूलने लगी सांस
दूधिया निवासी 35 वर्षीय गोलू ने बताया कि अप्रैल माह में शादी की रस्म के दौरान परिवार के लोगों ने शरीर पर हल्दी लगाई थी। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन कुछ ही देर बाद चेहरे और होंठों में सूजन आने लगी। अचानक सांस लेने में तकलीफ बढ़ी। इसके बाद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञों ने बताया कि यह गंभीर एलर्जी रिएक्शन है।
उन्होंने बताया कि कभी सोचा नहीं था कि शादी की खुशी के बीच हल्दी जैसी पारंपरिक चीज इतनी खतरनाक साबित हो सकती है। खुली हल्दी गांव की ही एक किराना दुकान से खरीदकर लाए थे।
हल्दी में मिलाया जा रहा मेटानिल येलो जहरीला रंग
विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी हल्दी में मेटानिल येलो नाम का जहरीला रंग मिलाया जा रहा है। यह रंग हल्दी को ज्यादा चमकीला और आकर्षक दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यह रंग खाने और शरीर पर लगाने दोनों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से शरीर में गंभीर एलर्जी, त्वचा रोग और सांस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
यह मिलावटी रंग शरीर में तेजी से रिएक्शन करता है। इससे आक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। गंभीर मामलों में मरीज को “एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम” यानी फेफड़ों से जुड़ी जानलेवा समस्या भी हो सकती है। लोगों को शादी जैसे खुशी के मौके पर सावधानी बरतना चाहिए।
मिलावटी हल्दी बेचने वालों के खिलाफ होना चाहिए कार्रवाई
विशेषज्ञों और स्वजन ने बताया कि बाजार में सस्ती और चमकदार हल्दी ज्यादा बिकती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी हल्दी में कृत्रिम रंग और केमिकल मिलाकर बेच रहे हैं। सामान्यत: लोग बिना जांच-पड़ताल के खुली हल्दी खरीद लेते हैं। प्रशासन को ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई करना चाहिए जो मिलावटी हल्दी बेच रहे हैं।
आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर है हल्दी
आयुर्वेद में हल्दी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह त्वचा को निखारने, संक्रमण से बचाने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन जब इसमें मिलावट हो जाती है, तो इसके फायदे नुकसान में बदल जाते हैं।
यदि हल्दी लगाने के बाद खुजली, जलन, सांस फूलना, होंठ या आंखों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
घर पर ऐसे करें मिलावटी हल्दी की पहचान
एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें। यदि हल्दी तुरंत गहरा पीला रंग छोड़ने लगे, तो उसमें कृत्रिम रंग मिला हो सकता है।
शुद्ध हल्दी हाथ पर रगड़ने से हल्का पीला रंग छोड़ती है और उसकी खुशबू प्राकृतिक होती है। मिलावटी हल्दी ज्यादा चमकीली दिखती है और तेज रंग छोड़ती है।
रुई को हल्दी में लगाकर पानी की बूंद डालें। यदि रंग बहुत तेजी से फैल जाए, तो उसमें केमिकल या डाई की मिलावट हो सकती है।
हल्दी को पानी में डालकर कुछ देर छोड़ दें। शुद्ध हल्दी नीचे बैठ जाती है, जबकि मिलावटी रंग ऊपर तैरने लगता है।
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