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एमपी के 6 जिलों के 2781 गांव का होगा विकास, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का हुआ गजट नोटिफिकेशन

इंदौर-उज्जैन क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रस्तावित उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआइएमआर) का गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। छह जिलों की 38 तहसीलों ...और पढ़ें

By prem jatEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 08:11:26 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 08:11:26 PM (IST)
एमपी के 6 जिलों के 2781 गांव का होगा विकास, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का हुआ गजट नोटिफिकेशन
एमपी के 6 जिलों के 2781 गांव का होगा विकास (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रस्तावित उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआइएमआर) का गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। छह जिलों की 38 तहसीलों के 2781 गांवों का 16000.88 स्क्वायर किमी क्षेत्र रीजन का हिस्सा होगा। इसके साथ ही अब रीजन के क्षेत्र में बदलाव नहीं हो सकेगा। इसके साथ ही इंदौर, उज्जैन सहित छह जिलों की 75.34 लाख आबादी के लिए अब साझा क्षेत्रीय विकास की योजना लागू की जा सकेगी।

अब रीजन की सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक, औद्योगिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना का विस्तृत अध्ययन होगा। इसके आधार पर आगामी छह माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा।

इंदौर का पूरा हिस्सा शामिल, जानिए बाकी जिलों का कितना क्षेत्र जुड़ा

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों के चयनित हिस्सों को शामिल किया गया है। क्षेत्रीय विकास, मास्टर प्लान, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, औद्योगिक निवेश और पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक साझा रणनीति बनाई जाएगी। रीजन में इंदौर और उज्जैन विकास के प्रमुख केंद्र होंगे।


मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंदौर जिले का पूरा हिस्सा शामिल है। वहीं उज्जैन जिले का 59 प्रतिशत, देवास का 41 प्रतिशत, शाजापुर का 90 प्रतिशत, रतलाम का 22 प्रतिशत और धार का 18 प्रतिशत क्षेत्र इसमें शामिल किया गया है। सोमवार को आईडीए सभागृह में कंसलटेंट द्वारा अधिकारियों को रीजन इंसेप्शन रिपोर्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया है। इसमें सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस तरह धरातल पर उतरेगी योजना

मेट्रोपॉलिटन रीजन को विकसित करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पहले चरण में इंसेप्शन रिपोर्ट तैयार की गई है। दूसरे चरण में सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगामी छह माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। तीसरे चरण में परियोजनाओं की रूपरेखा और निवेश आधारित योजनाएं तय होंगी, जबकि चौथे चरण में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

रेल, सड़क नेटवर्क जोड़कर होगा विकास

मेट्रोपॉलिटन रीजन में परिवहन नेटवर्क का सही उपयोग कर औद्योगिक विकास पर फोकस किया जाएगा। रेल और सड़क नेटवर्क का उपयोग कर पूरे रीजन का समग्र विकास होगा। रीजन में वर्तमान में 996 किमी लंबे सात नेशनल हाईवे और 468 किमी के 14 स्टेट हाईवे हैं। वहीं नागदा-उज्जैन, उज्जैन-मक्सी, उज्जैन-देवास-इंदौर-महू, इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम रेल रूट हैं।

वहीं इंदौर-धार और महू-सनावद, महू-मनमाड, मांगलिया-बुधनी रेल रूट का निर्माण जारी है। वहीं दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से भी रीजन जुड़ रहा है। इससे उद्योग, रियल एस्टेट, पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े निवेश आएंगे।

यूआइएमआर क्षेत्र की खासियतें

  • 16000.88 वर्ग किमी क्षेत्रफल
  • 75.34 लाख आबादी
  • 38 तहसीलें
  • 2781 गांव
  • 35 अर्बन लोकल बॉडीज
  • सात नेशनल हाईवे
  • 14 स्टेट हाईवे

क्या होगा फायदा?

  • पूरे रीजन का साझा विजन तैयार किया जा सकेगा।
  • परिवहन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
  • अनियोजित विकास पर रोक लगेगी और समग्र विकास होगा।
  • दीर्घकालिक विकास योजनाएं बनाई जाएंगी।
  • निवेश और औद्योगिक नेटवर्क बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • भूमि उपयोग और पर्यावरण संरक्षण की एकीकृत नीति बनेगी।
  • तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को व्यवस्थित दिशा मिलेगी।

इस तरह बढ़ता गया क्षेत्र

  • जनवरी 2024 में: छह हजार वर्ग किमी
  • अगस्त 2024 में: 8676 वर्ग किमी
  • मई 2025 में: 9989.69 वर्ग किमी
  • दिसंबर 2025 में: 14550 वर्ग किमी
  • जनवरी 2026 में: 16000.88 वर्ग किमी

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