
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर में पूर्वी इलाके में अंडरग्राउंड मेट्रो को लेकर रहवासियों का विरोध जारी है। रहवासी लगातार मांग कर रहे हैं कि टनल को उनके घरों के नीचे से निकालने की बजाए मुख्य सड़क के नीचे से निकाला जाए। टीबीएम की वजह से मेट्रो का रूट बदलने की बात सामने आ रही है। मशीन बड़ी है और इसे कर्व देकर मोड़ना होगा, इसे अचानक मोड़ना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि पहले जनप्रतिनिधियों की सहमति से मेट्रो रेल के एलिवेटेड रूट को बदलकर अंडरग्राउंड किया गया था। अब इसकी अंडग्राउंड रूट पर रहवासी आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे घरों और इमारतों को खतरा है।
अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन को मोड़ के लिए कर्व की जरूरत होती है, जबकि एलिवेटेड रूट में पिलर के अनुसार मोड़ दिया जा सकता है। जमीन के अंदर अचानक मोड़ देना संभव नहीं है। मेट्रो रेल के अधिकारियों की माने तो जिस जगह से छोटे वाहन बाइक और ऑटो रिक्शा आसानी से मुड़ सकते हैं, उस जगह पर बड़े वाहन ट्रक या बस को मोड़ लेने के लिए बड़ी जगह की जरूरत होती है।
इंदौर के पूर्वी इलाके में कनाड़िया रोड पर पहले एलिवेटेड मेट्रो रूट का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद इसका विरोध होने और जनप्रतिनिधियों द्वारा इसे अंडरग्राउंड करने की मांग पर नए तरह से प्रक्रिया शुरू हुई। मेट्रो रेल से अधिकारी लगातार यह बात दोहराते आए हैं कि हमारे देश सहित दुनिया के कई शहरों में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट से ऊपर के मकानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता और ना ही कंपन महसूस होता है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में जारी रहेगा अंडरग्राउंड मेट्रो का काम, फिलहाल कोई रोक नहीं, हाई कोर्ट में अब 29 जून को होगी अगली सुनवाई