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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंदौर में अनूठी सजा: तोड़फोड़ के आरोपित छह महीने तक न कार-बाइक चलाएंगे, न उन पर बैठेंगे

पुलिस कमिश्नर ने आदेश में यह भी लिखा कि आरोपितों ने आदेशों की अवलेहना की या किसी ने उनकी मदद की तो उसके विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई होगी।

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 01 Nov 2023 11:47:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Nov 2023 01:26:28 AM (IST)
इंदौर में अनूठी सजा: तोड़फोड़ के आरोपित छह महीने तक न कार-बाइक चलाएंगे, न उन पर बैठेंगे

HighLights

  1. -मप्र के इंदौर में पुलिस आयुक्त ने दो आरोपितों को दी कड़ी सजा
  2. -टीआइ मुनादी कर जनता को बताएंगे आरोपितों को सुनाई गई सजा
  3. - आदेशों की अवलेहना की या किसी ने उनकी मदद की तो उसके विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई होगी।

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राहगीर से विवाद करने वाले दो आरोपितों को मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने ऐसी कड़ी सजा दी है, जो नजीर बन सकती है। आरोपित शहनवाज अंसार शाह और सलमान शाकिर पर दो व चार पहिया वाहन चलाने और उन पर बैठने पर छह महीने तक के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस कमिश्नर ने आदेश में यह भी लिखा कि आरोपितों ने आदेशों की अवलेहना की या किसी ने उनकी मदद की तो उसके विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई होगी।

उन्होंने टीआइ को मुनादी से जनता को अवगत करवाने के लिए कहा है। इंदौर के विजय नगर थाने की पुलिस ने छह सितंबर को अर्चित मेहता की शिकायत पर शहनवाज और सलमान के विरुद्ध केस दर्ज किया था। अर्चित पत्नी के साथ अनुराग नगर जा रहे थे। बाइक सवार दोनों आरोपितों ने अर्चित की कार को टक्कर मारी और कार में तोड़फोड़ करते हुए पत्थर मारकर कांच तोड़ डाले।


इस मामले में मंगलवार को पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(1)(क)(ग) के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि दोनों आरोपित छह माह की अवधि के लिए स्वयं अथवा किसी अन्य का दोपहिया और चार पहिया वाहन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इस अवधि में वे स्वयं अथवा किसी अन्य के दो और चार पहिया वाहन पर न आगे और न ही पीछे बैठेंगे।

उनकी मदद करने वालों को भी राज्य सुरक्षा कानून अधिनियम 1990 की धारा 14 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। आपातकाल स्थिति में लोक परिवहन का उपयोग करेंगे आदेश के मुताबिक, आरोपितों को जीवनयापन के लिए काम पर आने-जाने व आपातकालीन स्थिति में आवागमन करने के लिए लोक परिवहन का उपयोग करने के आदेश दिए गए हैं। एंबुलेंस का उपयोग करने की भी छूट प्रदान की गई है।

आरोपितों के विरुद्ध मारपीट, तोड़फोड़ और अड़ीबाजी का केस दर्ज हुआ था। जोन-2 के डीसीपी द्वारा रासुका के तहत सीपी (पुलिस कमिश्नर) कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। डीसीपी ने कहा कि आरोपितों का आतंक है। इनके विरुद्ध कोई रिपोर्ट भी नहीं लिखवाता है।

सांप्रदायिक विवाद भी हो सकता है। कोर्ट ने सुनवाई की तो आरोपित पक्ष ने बचाव के लिए साक्षी नसरुद्दीन को बुलाया। नसरुद्दीन ने पुलिस के सभी आरोपितों का खंडन किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और आरोपितों को सजा सुना दी।

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चाकू लहराते हुए केक काटा, वृद्धाश्रम में सेवा करेंगे आरोपित

एक अन्य मामले में पुलिस कमिश्नर की कोर्ट ने आरोपित लक्की, कुलदीप परमार और गौतम नायक को भी रासुका के तहत सजा सुनाई है। ये आरोपित एक सितंबर को चौराहे पर जन्मदिन पार्टी के लिए एकत्र हुए और चाकू लहराते हुए केक काटा।

पुलिस ने तीनों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया और रासुका के तहत कोर्ट में प्रतिवेदन भी पेश कर दिया। सीपी कोर्ट ने तीनों आरोपितों से कहा कि वे तीन माह तक प्रत्येक शनिवार को कनकेश्वरी देवी वृद्धाश्रम में शाम पांच से रात आठ बजे तक उपस्थित रहेंगे।

आश्रम के अधीक्षक के समक्ष हाजिरी देना होगी। तीन माह बाद आगामी तीन माह तक प्रत्येक माह की एक और 16 तारीख को उपस्थिति देनी होगी। बीट एवं थाना प्रभारी आरोपितों पर नजर रखेंगे।